नई दिल्ली।आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत से मिलने भाजपा के दो वरिष्ठ नेता सुषमा स्वराज और अनंत कुमार झंडेवालान पहुंचे। उल्लेखनीय है कि श्री भागवत ने पत्रवार्ता में कहा कि भाजपा में जो चल रहा है वह ठीक नहीं है और पार्टी को खुद इसका निदान निकालना होगा। ऐसे में सुषमा स्वराज का संघ प्रमुख से मिलना राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना रहा है। संघ प्रमुख ने शुक्रवार को नई दिल्ली में झंडेवालान में आयोजित पत्रवार्ता में कहा कि उन्हें उम्मीद है कि भाजपा का अंतरकलह ठीक हो जाएगा। अटल बिहारी वाजपेयी और लालकृष्ण आडवाणी के बारे में उन्होंने कुछ नहीं कहा। श्री भागवत ने कहा कि भाजपा को ही अपनी दिशा तय करनी होगी,जो करना है उनको ही करना है। हम तो केवल समाज के लिए अपना काम करते रहते हैं। उन्होंने भाजपा में उठे तूफान पर टिप्पणी करते हुए कहा कि हम उससे चिंतित नहींहै, उन्हें उम्मीद है कि वह ठीक हो जाएगा। संघ प्रमुक ने कहा कि भाजपा नेताओं की उम्र कितनी हो यह इसका फैसला पार्टी खुद करे। श्री भागवत ने एक बार फिर कहा कि संघ बिना मांगे सलाह देने का काम नहींकरता। भाजपा को खुद ही सोचना होगा। उन्होंने कहा कि भाजपा कोई बच्चा नहीं हैं वहां कई बड़े नेता मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा में चल रहे उथल पुथल चिंता की बात जरूर है, पर वे उससे चिंतित नहीं है। जिन्ना प्रकरण पर संघ प्रमुख ने कहा कि जिन्ना चाहते थे कि हिंदू-मुस्लिम अलग-अलग रहे। हिंदू का मतलब सांप्रदाय नहीं हैं। संघ का काम ऐसा वातावरण बनाना जिससे समाज चलता रहे। संघ हिंदू समाज को संगठित करते हैं। मोहन भागवत ने कहा कि विचारधारा किसी नेता से ऊपर नहीं है। मीडिया में खबरे आ रही हैं उसके अनुसार भाजपा की कमान के दावेदारों में सुषमा स्वराज, वैंकैया नायडू, अरुण जेटली माने जा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि इससे पहले भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह कल ही मुलाकात कर चुके हैं, जबकि लालकृष्ण आडवाणी ने आज मोहन भागवत से भेंट की है।