नई दिल्ली ! राजधानी की एक निचली अदालत में बुधवार को सीबीआई ने 1984 सिख दंगे मामले में कहा कि पूर्व केंद्रीय मंत्री जगदीश टाईटलर के खिलाफ दर्ज कराए गए बयान भरोसे लायक नहीं हैं। मामले के एक गवाह सुरेंद्र सिंह द्वारा दर्ज कराए गए बयानों में पूरी तरह विरोधाभास है। अदालत ने सीबीआई की दलील सुनने के बाद इस मामले की अगली सुनवाई 31 अक्टूबर तक टाल दी है। अगली सुनवाई में एक अन्य गवाह जसबीर सिंह के बयानों पर बहस होगी।सीबीआई की ओर से एडिशनल पब्लिक प्रोसिक्यूटर संजय कुमार ने कहा कि इस मामले की जांच के दौरान सुरेंद्र सिंह ने इस मामले में कई बार अपने बयान दर्ज कराए। अपने पहले बयान में सुरेंद्र सिंह ने कहा था कि घटना के वक्त वह पुल बंगश गुरुद्वारा में था और उसने जगदीश टाईटलर द्वारा सिखों की हत्या करने के लिए भड़काते देखा। जबकि दूसरे हलफनामे में उसने इस मामले में टाईटलर की किसी भी भूमिका से इंकार कर दिया था। उसके बयानों में पूरी तरह विरोधाभास था। सीबीआई काउंसिल ने इस मामले में सुरेंद्र सिंह के बयानों को पूरी तरह संदेहास्पद बताया। सीबीआई के वक ील की दलील सुनने के बाद अदालत ने इस मामले में आगे की सुनवाई को 31 अक्टूबर तक टाल दिया। अगली सुनवाई के दौरान मामले के एक अन्य गवाह जसबीर सिंह के बयानों पर बहस की जाएगी। इससे पहले सीबीआई ने अदालत में पांच वीडियो सीडी भी सौंपी गईं।