बॉलीवुड शाहरुख खान कहना है कि वैसे तो उनकी आगामी फिल्म माई नेम इज खान का विषय धर्म और राजनीति है, इसके बावजूद यह फिल्म दर्शकों को पूरा मनोरंजन करेगी। हाल ही में अमेरिका में अपनी फिल्म के प्रचार के दौरान शाहरुख ने कहा था कि यह मुख्य रूप से मनोरंजक फिल्म है और यदि लोगों को इस फिल्म में सोचने के लिए कुछ मिलता है तो यह एक मनोरंजक फिल्म का अतिरिक्त लाभ होगा। उन्होंने कहा था कि इस फिल्म में कई संबंधित मुद्दे मिलेंगे लेकिन चूंकि इसमें उनके, करन जौहर और काजोल जैसे व्यवसायिक लोग जुड़े हुए हैं इसलिए इसे किसी मुद्दे को उजागर करने के लिए नहीं बल्कि एक व्यवसायिक फिल्म के रूप में बनाया गया है। करन जौहर के निर्देशन में बनी इस फिल्म का धर्म प्रोडक्शंस और गौरी खान ने सह-निर्माण किया है। इस फिल्म के साथ नौ साल बाद एक बार फिर शाहरुख, काजोल और करन ने साथ में काम किया है। वर्ष 2001 में तीनों ने कभी खुशी कभी गम फिल्म के लिए साथ में काम किया था। माई नेम इज खान की कहानी एक मुस्लिम बच्चे रिजवान खान से शुरू होती है। रिजवान अपनी मां के साथ मुंबई के बोरिवली में रहता है। बड़ा होने पर वह अपने भाई के पास सेन फ्रांसिस्को चला जाता है। वहां उसे मंदिरा (काजोल) से प्यार हो जाता है। दोनों साथ में एक व्यापार शुरू करते हैं लेकिन 911 की घटना के बाद दोनों को परेशानियों का सामना करना पड़ जता है। एक त्रासदी के बाद वे दोनों अलग हो जाते हैं। मंदिरा को दोबारा पाने के लिए रिजवान अमेरिकी राष्ट्रपति से मुलाकात के लिए यात्रा करता है।
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