वॉशिंगटन ! पाकिस्तानी खिलाड़ियों के बारे में अपनी टिप्पणी को लेकर शिवसेना के निशाने पर आए बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान का कहना है कि उनकी टिप्पणी का असर उनकी आगामी फिल्म 'माई नेम इज खान' पर नहीं पड़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को उनकी टिप्पणी से समस्या है, वे सीधा मुझसे इसका निपटारा करें। शाहरुख ने न्यूयॉर्क से फोन पर बताया, अगर मेरे साथ कोई मसला है, तो उसे मेरे साथ सुलझाइए और मेरी विचारधारा के बारे में बात कीजिए। वे इन दिनों अपनी फिल्म के प्रचार के लिए न्यूयॉर्क में हैं। शाहरुख ने कहा, जहां तक फिल्म का सवाल है, तो वह एक आकस्मिक बात है। मेरे अनुसार वह कोई ऐसी चीज नहीं है, जिस पर लोग अपना गुस्सा उतारें और मुझे उम्मीद है कि वे तथा कोई भी दूसरा ऐसा नहीं करेगा। इंशाअल्लाह फिल्म रिलीज होगी और लोग उसे पसंद करेंगे। शिवसेना द्वारा शाहरुख के माफी नहीं मांगने की सूरत में फिल्म के प्रदर्शन में बाधा डालने संबंधी बयान के बारे में पूछने पर शाहरुख ने कहा, मेरे पास कोई जवाब नहीं है। उन्होंने कहा, मुझे यह समझ में नहीं आ रहा है कि मेरी कही बात से 'माई नेम इज खान' का क्या वास्ता है। शाहरुख ने कहा, आप जानते हैं कि 'माई नेम इज खान' सिर्फ मेरी फिल्म नहीं है। यह काजोल और करण जौहर तथा 150 अन्य लोगों की भी फिल्म है, जिनकी आजीविका इस पर निर्भर है। शिवसेना द्वारा की जा रही अपनी आलोचना पर उन्होंने कहा, दूसरों की बात पर मेरा कोई अख्तियार नहीं। मेरा अख्तियार सिर्फ अपने बयान पर है। और मैं जो कहता हूं और हर कोई उसमें यकीन भी रखता है...मैं सिर्फ यही कहता हूं कि हम भारतीय हैं और हर किसी को आजादी से जीने तथा अच्छे से रहने का हक है। उन्होंने कहा, इसमें नया कुछ नहीं है। हमने कक्षा तीन में नागरिकशास्त्र में पढ़ा है और मेरे स्नातकोत्तर की पढ़ाई करने तक माता-पिता ने मुझे यही सीख दी।
शाहरुख ने कहा, मुझे समझ नहीं आ रहा कि आखिर माजरा क्या है। मेरा मतलब है कि मैंने जो कहा, उसे कहने में क्या हर्ज है कि मेरे देश में हर किसी का स्वागत है, चाहे वह कला, संस्कृति, खेल, राजनीति या कोई भी क्षेत्र हो, मैं बाहें फैलाकर उनका स्वागत करता हूं। शाहरुख खान ने कहा, हमारे देश में हर किसी को अपनी मर्जी से वह करने का हक है, जो वह चाहता है। इसीलिए यह सबसे बड़ा लोकतंत्र है।
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