कोमाखान ! बागबाहरा ब्लाक के ग्राम पंचायत कोमाखान में विभिन्न कार्यों के लिए स्वीकृति के बाद पंचायत द्वारा राशि का आहरण तो कर लिया गया है। लेकिन कार्य की शुरूवात आज पर्यंत नहीं हुई है। जिससे ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। इस संबंध में कोमाखान के उप सरपंच सुरेश जैन का कहना है कि सरपंच-सचिव राशि का आहरण कर दुरूपयोग कर रहे हैं। पिछले 24 जुलाई को कोमाखान पंचायत में रोजगार गारंटी योजना के कार्यों का सामाजिक अंकेक्षण किया गया। बैठक में ग्रामीणों ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया। लेकिन सरपंच-सचिव ही नदारद थे। श्री जैन ने आरोप लगाया कि पंचायत चुनाव होने के बाद से एक बार भी ग्रामसभा नहीं बुलाया गया है। वहीं दो-ढाई साल से तो पंचायत की भी बैठक नहीं हुई है। बावजूद इसके राशि का आहरण कर लिया जाता है। बगैर पंचायत प्रस्ताव के राशि का आहरण कैसे किया जाता है, यह समझ से परे है? श्री जैन ने बताया कि लुकूपाली आलूडबरी तालाब में निर्मला घाट के लिए 70 हजार रुपए की स्वीकृति मिली थी। जिसके लिए बगैर पंचायत प्रस्ताव के राशि का आहरण कर लिया गया है। जबकि निर्मला घाट का अता-पता नहीं है। श्री जैन ने बताया कि सोशल आडिट के लिए पहुंचे अधिकारियों से उन्होंने संबंधित तालाब का निरीक्षण भी कराया था। तब अधिकारियों ने शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन दिया था। लेकिन 3 माह बीत जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है। जबकि पंचायत स्तर पर निर्मला घाट बनाने की खानापूर्ति केवल कागजों में कर दी गई है। श्री जैन ने बताया कि शत प्रतिशत ग्रामों में आंगनबाड़ी भवन बन गया है। लेकिन कोमाखान में आंगनबाड़ी भवन के लिए 2.25 हजार रुपए की स्वीकृति के बाद भी आज पर्यंत भवन नहीं बना है। जबकि स्वीकृति राशि का आहरण एक वर्ष पूर्व से बगैर पंचायत प्रस्ताव के कर लिया गया है। केवल नींव की खुदाई की गई है। उधर आंगनबाड़ी के 20-25 वर्ष पुराने भवन के जर्जर होने से भारी परेशानी हो रही है। इस भवन के कभी भी गिरने का भय बना हुआ है। जिससे गंभीर हादसा हो सकता है। कोमाखान में बीपीएल परिवारों के घरों में शौचालय बनाने के लिए शासन द्वारा लाखों रुपए स्वीकृत तथा पंचायत द्वारा राशि का आहरण करने के बाद भी एक भी शौचालय नहीं बना है। केवल कागजों में शौचालय निर्माण की कार्रवाई की जा रही है। श्री जैन ने कहा कि वे उप सरपंच है। लेकिन उन्हे किसी भी स्वीकृति या अन्य कार्यों के बारे में किसी तरह की जानकारी नहीं दी जाती। सरपंच-सचिव बगैर पंचायत प्रस्ताव के गुपचुप ढंग से राशि का आहरण भी कर लेते हैं। श्री जैन ने विभिन्न कार्यों के लिए स्वीकृति के उपरांत आहरित राशि की वस्तुस्थिति की जांच कर दोषी जनों के विरूध्द कठोर कार्रवाई की मांग की है।