नई दिल्ली ! डीयू के प्रतिष्ठित हिंदू कॉलेज में शिक्षकों ने अपने प्राचार्य के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शिक्षक प्राचार्य के तानाशाही रवैये से नाराज हैं और उन्होंने प्राचार्य को हटाने की मुहिम शुरू कर दी है। हिंदू कॉलेज में गुरुवार को स्टॉफ काउंसिल की बैठक बुलाई गई। बैठक में प्राचार्य डॉ. सुभाष चौधरी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित कर दिया। कॉलेज के शिक्षक चंद्रचूण सिंह ने बताया कि प्राचार्य के रवैये से शिक्षकों में बहुत नाराजगी है। कॉलेज के कुछ शिक्षकों को रिफ्रेशर कोर्स के लिए जाना था, लेकिन प्राचार्य ने बिना कोई कारण बताए छुट्टी देने से मना कर दिया। यही नहीं विश्वविद्यालय के डीन ऑफ कॉलेज की ओर से कॉलेज प्रशासन को पत्र लिखा गया था कि शिक्षकों को रिफ्रेशन कोर्स के लिए छुट्टी दे दी जाए। प्राचार्य ने उसे भी नहीं माना। बता दें कि यूजीसी द्वारा रिफ्रेशन कोर्स के लिए शिक्षकों को अवकाश दिए जाने का प्रावधान है, लेकिन प्राचार्य ने सबको नजरंदाज करते हुए शिक्षकों को छुट्टी देने से मना कर दिया। इसी तरह कई अन्य मामलों में भी प्राचार्य ने शिक्षकों की मांगों को अनसुना कर दिया। उन्होंने बताया कि स्टॉफ कांउसिल की बैठक में सभी शिक्षकों ने एक मत से प्राचार्य के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की मंजूरी दी है। कॉलेज स्टॉफ काउंसिल ने शुक्रवार को एग्जीक्युटिवकमेटी की बैठक बुलाई है। इसके बाद अविश्वास प्रस्ताव को कॉलेज गवर्निंग बॉडी और डीयू कुलपति को भेजा जाएगा। प्राचार्य डा. सुभाष चौधरी को कॉलेज में अभी अधिक समय नहीं बीता है। बीते मई महीने में ही उन्होंने कॉलेज में प्राचार्य का पद भार संभाला था और छह महीने के भीतर ही उनकी कार्य शैली से नाराज शिक्षकों ने उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव ला दिया है। उल्लेखनीय है कि हिंदू कॉलेज के इतिहास में किसी प्राचार्य के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाए जाने का यह दूसरा मौका है। इससे पहले वर्ष 2004 में तत्कालीन प्राचार्या डा. कविता शर्मा के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था।