| Last Updated: 11:56:07 AM 11, Mar, 2010, Thursday |
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| पर्वतारोहियों के लिए स्वर्ग है उत्तरकाशी |
| (01:06:40 PM) 07, Oct, 2009, Wednesday |
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उत्तरकाशी की इन चोटियों पर अब तक 15 सौ से अधिक लोग आरोहण कर चुके हैं। अब तक 48 चोटियों पर तिरंगा लहराया जा चुका है। ऊं ची चोटियों पर चढ़ने के शौकीनों के लिए उत्तरकाशी स्वर्ग से कम नहीं है। यहां एक दर्जन से अधिक चोटियां ऐसी हैं, जिन पर पर्वतारोही तिरंगा फहराना अपनी शान समझते हैं। इसके बावजूद उत्तराखंड सरकार अब तक सूबे की पर्वतारोहण नीति तय नहीं कर सकी है। ऐसे में पर्वतारोहियों के उत्तराखंड आने का लाभ भी राय को नहीं मिल पा रहा है। हिमालय की गोद में बसे जनपद उत्तरकाशी में बर्फ से ढके आकाश को छूती चोटियों के दीदार करने से ही पर्यटक सम्मोहित हो जाते हैं। पर्वतारोहियों के लिए तो यह क्षेत्र स्वर्ग जैसा है। भारतीय पर्वतारोहण संस्थान, नेहरू पर्वतारोहण संस्थान व अन्य निजी पर्वतारोही एजेंसियों के माध्यम से पर्वतारोही यहां पहुंचते हैं और चोटियों पर तिरंगा लहराकर जीत का ऐलान करते हैं। सीमांत जनपद की इन चोटियों पर अब तक 15 सौ से अधिक लोग आरोहण कर चुके हैं। इनमें अधिकतर उत्तरकाशी की चोटियां हैं। उनका कहना है कि भारतीय पर्वतारोहण संस्थान, नई दिल्ली भी लगातार पर्वतारोही दलों को यहां भेज रहा है। हालांकि उन्होंने इस बात पर निराशा भी जताई कि उत्तराखंड सरकार अभी तक राय की कोई पर्वतारोहण नीति नहीं बना सकी है। अब भी पर्वतारोहण गतिविधियां दिल्ली से ही संचालित की जा रही हैं। वहीं, जिला साहसिक पर्यटन के अनुसार, पर्वतारोहण को लेकर सरकार योजना तैयार कर रही है। उत्तरकाशी की प्रमुख चोटियां चोटी ऊंचाई मी. भागीरथी द्वितीय 6,512 गंगोत्री द्वितीय 6,577 जोगिन प्रथम 6,465 जोगिन तृतीय 6,116 केदारनाथडोम 6,831 शिवलिंग 6,543 बंदरपूंछ 6,316 गंगोत्री द्वितीय 6590 रुद्रगैरा 5,818 द्रौपदी का डांडा 5,716 स्वर्गारोहिणी 6,252 सतोपंथ 7,075 सुदर्शन 6,507 केदार डोम 6,832 त्रिशूली पश्चिम 7,075
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