गैस कल्याण मंत्री बाबूलाल गौर का कहना है कि गैस पीडि़तों के प्रति अमरीकी संवेदनहीनता निंदनीय है। गौर कहते हैं कि पीडि़तों के लिए बने विशेष अस्पताल बंद नहीं होंगे।
Today, i would like to share with all a new piece of my work, which is a bit time consuming and because of this fact i am able to complete one of its project in a day only. Its known as Parchment ....
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Remember the last time you went by taking Delhi Metro?? Remember the last time you were standing on a metro station and leaning forward to see the metro ....
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चिन्मय मिश्र :
पिछले एक महीने में आयकर विभाग एवं अन्य केंद्रीय व राय विभागों द्वारा सरकारी अफसरों की आय से अधिक संपत्ति के अनेक मामलों के सामने आने के ....
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भाजपा वामपंथियों को पथभ्रष्ट करने में सफल
कुलदीप नैयर :
भारतीय जनता पार्टी अपने रणकौशल से विजयी हो गई है। वह वास्तविक विपक्ष के रूप में उभरने में सफल रही है। गत संसदीय निर्वाचन में पराजित हो जाने ....
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होरी के बजे नंगारा हे Wednesday , Mar 03,2010, 08:58:37 PM होरी के फाग म चैतू शूंभय
फिरतू के बजे नंगारा हे।
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टेडी बीयर की कहानी Wednesday , Mar 03,2010, 08:24:51 PM चेहरे पर प्यारी मुस्कान लिए अपने दोनों नन्हें हाथ आपकी ओर फैलाए प्यारे टेडी बीयर के साथ खेलना, बातें करना और हमेशा उसे अपने साथ रखना शायद ही किसी बच्चे को अच्छा न लगता हो। ...
गर आदमी, आदमी को समझ पाता... Wednesday , Mar 03,2010, 08:26:25 PM रायपुर रेलवे स्टेशन का टैक्सी स्टेण्ड। पास खड़े हुए कुली को हमने अपना लगेज दिखाते हुए पूछा- ''छत्तीसगढ़ में चढ़ना है, क्या लोगे?''
अमिताभ ने अपने ब्लॉग में भारतीय हॉकी टीम की तारीफ की Wednesday , Mar 03,2010, 08:37:24 PM भारतीय हॉकी टीम ने विश्व कप के अपने पहले मैच में चिरप्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान पर 4-1 से शानदार जीत दर्ज करके बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन को भी अपना मुरीद बना लिया है। ...
ओ मेरे साथी ओ मेरे साथी निराश न हो, उदास न हो माना मौजूदा दौर में, अन्याय का है घेरा तेरे अरमानों को कुचलकर, डाला जुल्मियों ने डेरा इन उम्मीदों को सींचने, बहे तेरे खून पसीने पर अब लग रहा है तुझको, घर आंगन किसी ने छीने फिर भी मेरे साथी, निराश न हो, उदास न हो हर इक संघर्ष तेरा, हर इक प्रयास तेरा जो जुल्म के खिलाफ था, और न्याय के लिए था एक नई राह बनाए, एक नया संदेश लाए आने वाले दिनों में, उसे दूर-दूर पहुंचाए और मेरे साथी, निराश न हो, उदास न हो तब लोग न सहेंगे, तेरी आवाज को सुनेंगे नई पीढ़ियां पूछेंगी, तेरी राह को ढूंढेंगी न्याय, ईमान और सच्चाई, यही थी तेरी लड़ाई तेरा संदेश सब सुनेंगे, और बार-बार कहेंगे ओ मेरे साथी, निराश न हो उदास न हो। -भारत डोगरा