सिंगापुर ओपन जीतने के बाद मुझे आत्मविश्वास मिला है : प्रणीत

सिंगापुर ओपन के रूप में अपना पहला सुपर सीरीज खिताब जीतने वाले भारतीय पुरुष बैडमिंटन खिलाड़ी बी.साई प्रणीत का कहना है कि यह जीत उनके करियर का टर्निग प्वाइंट हो सकती है...

सिंगापुर ओपन जीतने के बाद मुझे आत्मविश्वास मिला है : प्रणीत
B. Sai Praneeth

हैदराबाद| सिंगापुर ओपन के रूप में अपना पहला सुपर सीरीज खिताब जीतने वाले भारतीय पुरुष बैडमिंटन खिलाड़ी बी.साई प्रणीत का कहना है कि यह जीत उनके करियर का टर्निग प्वाइंट हो सकती है। प्रणीत ने पिछले रविवार को हमवतन किदाम्बी श्रीकांत को मात देकर सिंगापुर ओपन का खिताब जीता था।

प्रणीत ने घर वापसी के बाद आईएएनएस से बातचीत में कहा, "यह मेरे करियर का टर्निग प्वांइट साबित हो सकता है। इस जीत से मुझे आत्मविश्वास मिला है और अब मुझे पता है कि मैं कहां हूं और किस स्तर का मेरा खेल है।" बैडमिंटन के इतिहास में यह पहली बार हुआ था कि किसी सुपर सीरीज टूर्नामेंट के फाइनल में दो भारतीय खिलाड़ी एक-दूसरे के आमने-सामने थे।

ली चोंग वेई और तौफीक हिदायत जैसे बड़े खिलाड़ियों को मात देने के बाद भी प्रणीत के हिस्से कोई बड़ा खिताब नहीं था। उन्होंने कहा, "मुझे उम्मीद थी कि एक दिन मैं बड़ा खिताब जीतूंगा। मैं अब एक जीत चुका हूं और अब मैं बड़े टूर्नामेंट को जीतने का सिलसिला जारी रखना चाहूंगा।"

प्रणीत अब अपने खेल में निरंतरता रखना चाहते हैं और अपनी फिटनेस पर ध्यान देना चाहते हैं। आगे उन्हें इंडोनेशिया ओपन और आस्ट्रेलियन ओपन में हिस्सा लेना है। उन्हें उम्मीद है कि रैकिंग में सुधार के कारण वह विश्व चैम्पियनशिप में जगह बना लेंगे। 

उन्होंने कहा कि फाइनल में श्रीकांत का सामना करना आसान नहीं था।  उन्होंने कहा, "उस खिलाड़ी के साथ खेलना जिसके साथ आप रोज अभ्यास करते हों, बेहद मुश्किल होता है।"

प्रणीत ने कहा, "जब आप एक शख्स के साथ रोज अभ्यास करते हैं, तो आपको उसकी कमजोरी के बारे में पता होता है और उसे भी आपकी कमजोरी के बारे में पता होता। अंक हासिल करना आसान नहीं होता है क्योंकि आपका विपक्षी जानता है कि आप किस तरह से पलटवार करेंगे।"


एक गेम हारने के बाद दूसरे गेम में 2-7 से पीछे चल रहे प्रणीत ने इसके बाद शानदार वापसी की थी। उन्होंने इस पर कहा, "बढ़त लेने के बाद मेरे अंदर आत्मविश्वास आ गया था और फिर मैंने इसे आखिरी तक बनाए रखा।"

प्रणीत का मानना है कि भारतीय खिलाड़ी इस समय अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। इसलिए आने वाले दिनों नें ऐसा कई बार देखने को मिल सकता है कि फाइनल में दो भारतीय खिलाड़ी खेलें। उनका मानना है कि इस तरह के फाइनल होने से व्यक्तिगत रिश्तों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। 

उन्होंने कहा, "मैच, मैच होता है। आप मैच को व्यक्तिगत रिश्तों से नहीं जोड़ सकते। सामने कोई भी हो, हमें जीतना होता है।"

प्रणीत की श्रीकांत के खिलाफ यह पांचवीं जीत थी। दोनों के बीच अब तक छह मुकाबले हुए हैं। प्रणीत ने पूर्व नंबर एक बैडमिंटन खिलाड़ी तौफीक हिदायत को इंडोनेशियन ओपन-2013 के पहले दौर में मात दी थी और फिर मौजूदा नंबर-1 खिलाड़ी ली चोंग वेई को 2016 के ऑल इंग्लैंड चैम्पियनशिप के पहले दौर में हराया था।

 

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