प्रो. यादव के खिलाफ कार्रवाई पर गोलबंद हुए अम्बेडकरवादी चिन्तक

दिल्ली यूनिवर्सिटी के प्रोफसर और रिदम के डायरेक्टर हंसराज सुमन ने भी इस घटना की खिलाफत की और कहा कि अभिव्यक्ति की आज़ादी हमें संविधान ने दी है और कोई भी नागरिक अपनी असहमति दर्ज करा सकता है...

प्रो. यादव के खिलाफ कार्रवाई पर गोलबंद हुए अम्बेडकरवादी चिन्तक
प्रोफ़ेसर चौथीराम यादव

नई दिल्ली, 20 मार्च (देशबन्धु)। अम्बेडकरवादी चिन्तक, अम्बेडकरवादी लेखक संघ के सलाहकार और बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी के पूर्व प्रोफ़ेसर चौथीराम यादव पर बरेली कॉलेज के सेमिनार के वक्तव्य पर हुई कानूनी कार्यवाही और  तोडफ़ोड़ की घटना की निंदा करते हुए अम्बेडकरवादी लेखक संघ के अध्यक्ष डॉ बलराज सिंहमार ने राजधानी में एक आपात बैठक में कहा कि अम्बेडकरवादी लेखकों और चिंतकों पर इस तरह की कोई भी घटना नहीं होनी चाहिए।

दरअसल प्रो. चौथीराम यादव ने बरेली के एक कॉलेज में रविवार को ब्राह्मणवादी मानसिकता वाले संगठनों पर अपनी बात रखी थी, उनके वक्तव्य के पश्चात एबीवीपी के कार्यकर्ताओं  ने उनकी बातों को तोड़मरोड़ कर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई और कॉलेज में तोडफ़ोड़ की।


प्रो. यादव ने अलेस को बताया कि उन्होंने ऐसी कोई बात नहीं की जिससे किसी समुदाय या व्यक्ति  या संगठन की भावना को ठेस पहुंचे।

दिल्ली यूनिवर्सिटी के प्रोफसर और रिदम के डायरेक्टर हंसराज सुमन ने भी इस घटना की खिलाफत की और कहा कि अभिव्यक्ति की आज़ादी हमें संविधान ने दी है और भारत का कोई भी नागरिक किसी भी वैचारिक, सिद्धांत और व्यक्ति से अपनी असहमति दर्ज करा सकता है।

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