एक सप्ताह में होगा मनरेगा का बकाया मजदूरी भुगतान

राजेन्द्र राठौड़ ने कहा कि प्रदेश में मनरेगा में कार्यरत अधिकांश मजदूरों का भुगतान किया जा चुका है तथा शेष श्रमिकों का बकाया भुगतान एक सप्ताह में कर दिया जाएगा...

एक सप्ताह में होगा मनरेगा का बकाया मजदूरी भुगतान
MGNREGA

   जयपुर। राजस्थान के ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज मंत्री राजेन्द्र राठौड़ ने कहा कि प्रदेश में मनरेगा में कार्यरत अधिकांश मजदूरों का भुगतान किया जा चुका है तथा शेष श्रमिकों का बकाया भुगतान एक सप्ताह में कर दिया जाएगा।

राठौड़ ने आज विधानसभा में प्रश्नकाल में विधायक देवेन्द्र कटारा के मूल प्रश्न का जवाब देते हुये कहा कि डूंंगरपुर बिछीवाडा में मनरेगा के बकाये का भुगतान एक सप्ताह में कर दिया जायेगा।

उन्होंने कहा कि मनरेगा के अन्तर्गत श्रमिकों के भुगतान में किसी तरह की देरी में अधिकारियों एवं कर्मचारियों की लापरवाही रही है तो उसकी तत्काल सचिव स्तर के अधिकारी से जांच कराई जाएगी।

उन्होंने बताया कि डूंगरपुर एवं बिछीबाड़ा पंचायत समिति क्षेत्र में वर्तमान में तीन लाख 16 हजार जॉब कार्डधारी है जिनमें से इस वर्ष दो लाख 46 हजार परिवारों को रोजगार दिया गया है जो 78 प्रतिशत के आस-पास है।

उन्होंने विधायक द्वारा श्रमिकों के फर्जी और डबल जॉब कार्ड होने के पूरक प्रश्न का जवाब देते हुये कहा कि इन क्षेत्रों में किसी तरह का डबल जॉब कार्ड नहीं होने चाहिए फिर भी डबल जॉब कार्ड की किसी गलती के कारण बन रहे हैं तो उसकी जांच कराई जाएगी।


 राठौड ने कहा कि डूंगरपुर जिले की पंचायत समिति डूंगरपुर एवं बिछीवाडा में वित्तीय वर्ष 2016-17 का श्रमिकों के श्रम भुगतान हेतु माह फरवरी 2017 के प्रथम पखवाड़े तक का एफ.टी.ओ. जारी किये जा चुके हैं।

उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी नरेगा अधिनियम के प्रावधानानुसार मस्टररोल समाप्ति के 15 दिवस में भुगतान किये जाने का प्रावधान है। पंचायत समिति डूंगरपुर एवं बिछीवाड़ा में क्रमशः 69 एवं 68 प्रतिशत भुगतान नियत अवधि में किया गया है।

मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विधायक कटारा ने कहा कि क्षेत्र में 2015 के लगभग 54 लाख रूपवये से अधिक की राशि बकाया है। जिस पर राइौड ने कहा कि इसकी जांच करा कर शीघ्र ही राशि का भुगतान करा दिया जायेगा।

उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी नरेगा के नियम -उप नियम की पालना नहीं करने की स्थिति में कार्मिकों को कारण बताओं नोटिस जारी किये गये है तथा महात्मा गांधी नरेगा अधिनियम 2005 की धारा 25 के तहत शास्ति आरोपित की गयी है। विलम्बित भुगतान किये जाने की स्थिति में नियमानुसार जिम्मेदार र्कामिकों के विरुद्व जवाबदेही तय करते हुए वसूली की कार्यवाही की जा रही है।
 

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