थेरेसा मे 29 मार्च को ब्रेक्सिट की शुरुआत करेंगी

लंदन ! प्रधानमंत्री थेरेसा मे 29 मार्च को यूरोपीय संघ से ब्रिटेन के अलग होने की शुरुआत करेंगी। सरकार के एक प्रवक्ता ने सोमवार को कहा कि ईयू में ब्रिटेन के राजदूत टिम बैरो ने मे के इरादे...

थेरेसा मे 29 मार्च को ब्रेक्सिट की शुरुआत करेंगी

लंदन !  प्रधानमंत्री थेरेसा मे 29 मार्च को यूरोपीय संघ से ब्रिटेन के अलग होने की शुरुआत करेंगी।
सरकार के एक प्रवक्ता ने सोमवार को कहा कि ईयू में ब्रिटेन के राजदूत टिम बैरो ने मे के इरादे के बारे में ईयू को मौखिक रूप से सूचित कर दिया है।

प्रवक्ता नं. 10 ने कहा, "प्रधानमंत्री बुधवार को अध्यक्ष डोनाल्ड टस्क को अनुच्छेद 50 से संबंधित अपना पत्र 29 मार्च को सौंपेंगी, और इस कदम की घोषणा से संबंधित एक बयान देंगी।"

इंडिपेंडेंट के अनुसार, उन्होंने कहा कि मे को उम्मीद है कि बातचीत तत्काल शुरू हो जाएगी। अनुच्छेद 50 के क्रियान्वित होने के बाद यह ईयू पर निर्भर करेगा कि वह 48 घंटे के भीतर कोई जवाब देगा।

लिस्बन ट्रीटी से संबंधित अनुच्छेद के लागू होने के बाद ब्रेक्सिट पर औपचारिक बातचीत शुरू होगी।

इस कदम के तहत द्विवर्षीय बातचीत की प्रक्रिया शुरू होगी, जिस दौरान ईयू और ब्रिटेन ब्रेक्सिट के नियमों पर सहमत होने की कोशिश करेंगे और अपने भावी रिश्ते को आकार देने के लिए एक अलग समझौता करेंगे।

इस अवधि को सभी यूरोपीय देशों की सरकारों की सर्वसम्मति से ही बढ़ाया जा सकता है। यदि अवधि के अंत तक कोई समझौता नहीं हो पाया तो ब्रिटेन बगैर किसी समझौते के ईयू से अलग हो जाएगा और विश्व व्यापार संगठन के नियमों पर वापस लौट आएगा।

ब्रेक्सिट सचिव डेविड डेविस ने कहा, "पिछले जून में ब्रिटिश लोगों ने ईयू से अलग होने का ऐतिहासिक निर्णय लिया। अगले बुधवार को सरकार इस निर्णय पर अमल करेगी और अनुच्छेद 50 को लागू करने की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू करेगी।"

उन्होंने कहा, "हम इस देश के लिए एक पीढ़ी के लिए सर्वाधिक महत्वपूर्ण बातचीत की चौखट पर हैं।"

उन्होंने कहा, "सरकार अपने उद्देश्य में बिल्कुल स्पष्ट है : एक ऐसा समझौता जो सभी राष्ट्रों और ब्रिटेन के सभी क्षेत्रों के लिए कारगर हो और वाकई में पूरे यूरोप के लिए - ब्रिटेन और यूरोपीय संघ में हमारे मित्रों व सहयोगियों के बीच एक नई, सकारात्मक साझेदारी।"


देशबंधु से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें
facebook फेसबुक पर फॉलो करे.
और
facebook ट्विटर पर फॉलो करे.

संबंधित समाचार

क्या महिलाओं को शांति से जीने का अधिकार नहीं है