टेलीफोन एक्सचेंजों से देश को 3 हजार करोड़ रुपये का नुकसान

देश की सामरिक महत्व की जानकारियां पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी को देने के लिए विभिन्न हिस्सों में चलने वाले सामानांतर टेलीफोन एक्सचेंजों से देश को तीन हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ है...

टेलीफोन एक्सचेंजों से देश को 3 हजार करोड़ रुपये का नुकसान
TelePhone Exchange

  भोपाल।  देश की सामरिक महत्व की जानकारियां पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी को देने के लिए विभिन्न हिस्सों में चलने वाले सामानांतर टेलीफोन एक्सचेंजों से देश को तीन हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ है। मध्यप्रदेश के गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह ने सोमवार को विधानसभा में यह जानकारी दी।

कांग्रेस विधायकों ने सोमवार को ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जरिए राज्य में बढ़ती आतंकवादी गतिविधियों का मुद्दा उठाया। इस दौरान भोपाल के केंद्रीय जेल से विचाराधीन कैदियों के भागने व उन्हें मुठभेड़ में मार गिराने, पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी को सामरिक जानकारी देने के लिए चल रहे समानांतर टेलीफोन एक्सचेंज और शाजापुर में ट्रेन में हुए विस्फोट पर चर्चा हुई।

कांग्रेस विधायक गोविंद सिंह ने कहा कि राज्य की राजधानी भोपाल, इंदौर, जबलपुर आदि स्थानों से पाकिस्तान की खुफिया एजेंसियों के लिए जासूसी और एजेंटों को पैसा मुहैया कराने के आरोप में 11 से ज्यादा जासूसों को आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने पकड़ा। ये गद्दार लोग राज्य में समानांतर टेलीफोन एक्सचेंज चलाकर देश की जानकारियां आईएसआई को देते थे।

कांग्रेस विधायक सिंह ने एटीएस द्वारा पकड़े गए आरोपियों में से कई के सत्तापक्ष के अनुषांगिक संगठनों से जुड़े होने का आरोप लगाया, साथ ही एक पदाधिकारी ध्रुव सक्सेना को भाजपा आईटी सेल का जिला संयोजक बताते हुए महापौर के चुनाव के दौरान उसके जिम्मेदारी निभाने का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भाजपा देश के साथ गद्दारी करने वालों को संरक्षण देती है और खुद को राष्ट्रभक्त बताती है। 

कांग्रेस के अन्य विधायकों- रामनिवास रावत, शैलेंद्र पटेल व महेंद्र सिंह कालूखेड़ा ने भी राज्य में बढ़ती आतंकी गतिविधियों और इसको लेकर पुलिस व सरकार की उदासीन कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।


ध्यानाकर्षण प्रस्ताव में उठाए गए सवालों का जवाब देते हुए गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह ने कहा कि जम्मू एवं कश्मीर पुलिस ने नवंबर 2016 में जम्मू के आरएसपुरा थाना क्षेत्र से सतविंदर सिंह व दादू को पकड़ा था। इनसे मिली सूचनाओं के आधार पर राज्य एटीएस ने मध्यप्रदेश के सतना जिले से चल रहे अवैध समानांतर टेलीफोन एक्सचेंज का खुलासा किया। इस मामले में अब तक 15 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। 

गृहमंत्री सिंह ने आगे बताया कि पकड़े गए आरोपी भारतीय सेना और अन्य सुरक्षा संबंधी सामरिक महत्व के स्थानों की जानकारी संदिग्ध पाकिस्तानी हैंडलर्स को उपलब्ध कराते थे। इसके एवज में उन्हें सतना के कई बैंकों के खातों के जरिए यह राशि उपलब्ध कराई जाती थी। इन आरोपियों के पास से कई बैंकों के एटीएम भी जब्त किए गए हैं। ये एक से दूसरे बैंक में रकम ट्रांसफर करते थे।

उन्होंने यह जानकारी भी दी कि आरोपियों, बैंक खाताधारकों और पाकिस्तानी हैंडलर्स का आपस में संपर्क वॉइस ओवर इंटरनेट प्रोटोकॉल (वीओआईपी) के माध्यम से जीएसएम एक्सचेंज के जरिए होता था। यह एक्सचेंज सिर्फ मध्यप्रदेश में नहीं, बल्कि पूरे देश में है। इन समानांतर एक्सचेंजों से देश को तीन हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ है।

सिंह ने कहा कि देश में मध्यप्रदेश ऐसा राज्य है, जहां आतंकी गतिविधियों को रोकने के कारगर प्रयास हुए हैं। भोपाल के केंद्रीय जेल से आठ संदिग्ध आतंकियों के भागने का मामला हो या शाजापुर के पास ट्रेन में आतंकी विस्फोट या समानांतर टेलीफोन एक्सचेंज का मसला, तीनों ही मामलों में राज्य की पुलिस व गुप्तचर बल को सफ लता मिली है। 

गृहमंत्री ने सदन को भरोसा दिलाया कि राज्य में आतंकी गतिविधियों में शामिल व्यक्ति कोई भी हो, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।  चर्चा के दौरान उन्होंने माना कि अभी तक यह पता नहीं चल पाया है कि समानांतर टेलीफोन एक्सचेंज का सॉफ्टवेयर किसने और कहां तैयार किया था। इस मामले की जांच एटीएस कर रही है, जबकि ट्रेन विस्फोट की जांच एनआईए को सौंप दी गई है। 
 

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