त्रिपुरा, मिजोरम में राजमार्गो से शराब की दुकानें हटाने का अभियान शुरू

त्रिपुरा और मिजोरम की सरकारों ने सर्वोच्च न्यायालय के राष्ट्रीय राजमार्गो पर मौजूद शराब की दुकानों को प्रतिबंधित करने के आदेश का क्रियान्वयन शुरू कर दिया है...

त्रिपुरा, मिजोरम में राजमार्गो से शराब की दुकानें हटाने का अभियान शुरू
Liquor shop

अगरतला/आईजोल| त्रिपुरा और मिजोरम की सरकारों ने सर्वोच्च न्यायालय के राष्ट्रीय राजमार्गो पर मौजूद शराब की दुकानों को प्रतिबंधित करने के आदेश का क्रियान्वयन शुरू कर दिया है। दोनों राज्यों के अधिकारियों के अनुसार, सर्वोच्च न्यायालय के 15 दिसंबर के आदेश के बाद त्रिपुरा और मिजोरम की सरकारों ने सभी जिला मजिस्ट्रेटों और कलेक्टरों से राष्ट्रीय राजमार्गो से 500 मीटर के दायरे में आने वाली सभी शराब की दुकानों को स्थानांतरित करने को कहा है।

त्रिपुरा के कर और आबकारी विभाग के एक अधिकारी ने कहा, "त्रिपुरा में 131 शराब की दुकानों में से 82 राष्ट्रीय राजमार्गो और राजमार्गो से लगी हुई हैं। राज्य की 82 शराब की दुकानों को राष्ट्रीय राजमार्गो व राजमार्गो से 500 मीटर के दायरे से बाहर स्थानांतरित किया गया है।"

उन्होंने कहा कि कुछ शराब की दुकानों व खुदरा केंद्रों को लोगों की आपत्ति और तनकनीकी कारणों की वजह से नई जगहों पर स्थानांतरित किया जाना है।

अधिकारी ने कहा कि शराब की दुकानों को राष्ट्रीय राजमार्गो और राजमार्गो से स्थानांतरित करने के लिए त्रिपुरा सरकार ने त्रिपुरा आबकारी अधिनियम, 1987 के तहत त्रिपुरा आबकारी नियम 1990 में संशोधन किया।

अधिकारी ने कहा, "हमने शराब की दुकानों के मालिकों से कहा है कि राष्ट्रीय राजमार्गो से लगी शराब की दुकानों के लाइसेंस का नवीनीकरण 31 मार्च के बाद नहीं होगा।"


मिजोरम में सर्वोच्च न्यायालय के आदेश से करीब 12 शराब की दुकानों को बंद करना पड़ा।

आईजोल जिले के आबकारी और मादक पदार्थ अधीक्षक के अनुसार, राजमार्गो से 500 मीटर के दायरे में आने के कारण आईजोल की 34 शराब की दुकानों में से 12 को बंद करना पड़ा।

उन्होंने कहा, "दुकानों को बंद करने के अलावा दुकान मालिकों के वेंडिंग लाइसेंस कुछ समय के लिए निलंबित किए गए हैं। इनके लाइसेंस का नवीनीकरण कर दिया जाएगा, यदि वे अपनी दुकानों को राजमार्गो के 500 मीटर के दायरे से स्थानांतरित कर लें।"

मिजोरम के आबकारी और मादक पदार्थ मंत्री आर. ललजिरलिआना ने कहा कि राज्य सकार सर्वोच्च न्यायालय के राजमार्गो से दोनों तरफ 500 मीटर के दायरे में शराब की दुकानों को बंद करने के आदेश का पालन करेंगी।

राज्य में 18 सालों तक शराब पर कड़े प्रतिबंध के बाद मिजोरम सरकार ने मार्च 2015 में शराब पर प्रतिबंध को हटा लिया और मिजोरम मद्य निषेध और नियंत्रण अधिनियम 2014 के तहत ईसाई प्रभुत्व वाले इलाकों में शराब की दुकानें खोलने की इजाजत दी गई।

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