एसईसीएल में नौकरी के नाम पर उपसरपंच से 90 हजार की ठगी

एसईसीएल के नौकरी दिलाने के नाम पर शहर के एक आरोपी ने मध्यप्रदेश के शहडोल जिले में रहने वाले उपसरपंच से 90 हजार की ठगी कर ली...

एसईसीएल में नौकरी के नाम पर उपसरपंच से 90 हजार की ठगी
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हाइलाइट्स
  •     पीड़ित मप्र के शहडोल का निवासी
  •    पुलिस ने जांच शुरू की

बिलासपुर। एसईसीएल के नौकरी दिलाने के नाम पर शहर के एक आरोपी ने मध्यप्रदेश के शहडोल जिले में रहने वाले उपसरपंच से 90 हजार की ठगी कर ली। बताया जाता है कि आरोपी ने उपसरपंच को सर्किट हाउस के पास बुलाया था और रकम लेने के बाद वहां से अचानक गायब हो गया।

ठगी का शिकार सीधे अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नीरज चंद्राकर के पास पहुंच और सारा मामला बताया, उसके बाद एएसपी ने आरोपी को पकड़ने के लिए घटनास्थल के आसपास लगे सीसी कैमरे से आरोपी की पहचान शुरू की। एएसपी नीरज चंद्राकर का कहना है कि आरोपी की पहचान हो चुकी है। जल्द ही पुलिस की पकड़ में आ जाएगा। सिविल लाइन पुलिस मामला दर्ज कर जांच में लगी हुई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार मध्यप्रदेश शहडोल के पास सोहागपुर से लगे मेड़की गांव के रहने वाले कलीम खान पिता ताहिर खान उम्र 45 साल खेती किसानी करते हैं तथा गांव के उपसरपंच भी है। सोहागपुर के पास एसईसीएल कॉलरी से लगे गांव आमाडोब गांव में उनकी पैतृक संपत्ति भी है। तीन नवंबर को उपसरपंच कलीम खान के पाए एक अज्ञात फोन आया।

फोन करने वाले ने खुद को एसईसीएल का एक बड़ा अधिकारी बताते हुए पूछा कि क्या आमाडोब गांव में आपकी पैतृक संपत्ति है? उपसरपंच ने फोन करने वाले को बताया कि गांव में उनके ही परिवार की काफी बड़ी जमीन है जिसमें खेती किसानी भी करते हैं। तब फोन करने वाले ने कहा कि एसईसीएल आपके परिवार की जमीन का अधिग्रहण करने की तैयारी कर रही है।

इसके एवज में परिवार के एक सदस्य को एसईसीएल में नौकरी मिलेगी। उपसरपंच कलीम खान नौकरी पाने के लिए जमीन देने को तैयार हो गया और तीन नवंबर से लगातार युवक के संपर्क में रहा इसी बीच फोन करने वाले ने लेनदेन की बात करते हुए नौकरी दिलाने के एवज में डेढ़ लाख रूपए मांगे और उपसरपंच पैसे देने को तैयार हो गया। 


तीन दिन पहले आरोपी युवक ने कलीम खान को फोन किया और आज एसईसीएल मुख्यालय के सामने मुख्य द्वार बुलाया था फोर व्हीलर से सवार होकर अपने दोस्त के साथ कलीम खान शहर पहुंचा तो देखा कि एसईसीएल आफिस के पास दो युवक पहले से ही फोर व्हीलर में सवार थे और दोनों के बीच चर्चा हुई और पैसे का लेनदेन करने के लिए आरोपी युवकों ने उपसरपंच को झांसे में लेते हुए सिविल लाईन थाना क्षेत्र के सर्किट हाउस के पास चलने कहा। इसी बीच उपसरपंच ने खुद को अफसर बताने वाले की बात युवक को 90 हजार रूपए दे दिए और बांकी पैसे बाद में देने की बात कही। 

इसी बीच आरोपी युवक अपने साथी के साथ कार में कलेक्ट्रेट जाने निकल पड़ा और शपथ पत्र लाने का हवाला देते हुए उपसरपंच को रूकने कहा। कलीम खान दोपहर 1 बजे तक युवक का इंतजार करता रहा।

काफी देर तक पैसे लेने वाला युवक वापस नहीं आया तो उपसरपंच सिविल लाईन थाने पहुंचा और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नीरज चंद्राकर को घटना की जानकारी दी। बताया जाता है कि जिस जगह पर दोनों के बीच बातचीत हुई एसईसीएल मुख्यालय के सामने सीसी टीवी फुटेज एवं सर्किट हाउस के पास लगे सीसी टीवी फुटेज में आरोपी की तस्वीर कैद हो गई है। बताया जाता है कि जिस वाहन में आरोपी युवक शहर आए थे उस गाड़ी में टू व्हीलर का नंबर लिखा हुआ था। 


 

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