Current Location: 0
Temperature: -18°C

Forecast: , -18°C

Breaking News


विविध     अन्य (वास्तु, फेंग शुई इत्यादि..)

कुंडली के अनुसार पहनें रत्न

लग्न कुंडली के अनुसार उन ग्रहों के (लग्न, नवम, पंचम) रत्न पहने जा सकते हैं जो ग्रह शुभ भावों के स्वामी होकर पाप प्रभाव में हों,

यूं पाएं वास्तुदोष से छुटकारा

यदि मकान के किसी कमरे में सोने पर तरह-तरह के भयावह सपने आते रहते हों,

मूलांक भी तय करते हैं बच्चे का स्वभाव

बच्चे का स्वभाव तय करने में मूलांक एक अहम् भूमिका निभाते हैं।

ऊर्जा का सूचक है मंगल

यदि मंगल नवम, दशम या ग्यारहवें भाव में हो या इन भावों से संबंध करता हो तो व्यक्ति की रुचि साहसिक कार्यों व खेलों में होती है।

खुशहाल जीवन के लिए रखें वास्तु का ध्यान

किसी भी भवन निर्माण में स्थापत्य का विशेष महत्व होता है।

गृह प्रवेश में वास्तु पूजन का महत्व

वीन घर का प्रवेश उत्तरायण सूर्य में वास्तु पुजन करके ही करना चाहिए। उसके पहले वास्तु का जप यथाशक्ति करा लेना चाहिए। शास्त्रानुसार गृह प्रवेश में माघ, फाल्गुन, वैशाख, ज्येष्ठ आदि मास शुभ बताए गए हैं।

वास्तु और योग:

वास्तुशास्त्र योग के सिद्धांत से काफी मिलता-जुलता है। जिस प्रकार किसी योगी के शरीर से प्राण (ऊर्जा)

सखि वसंत आया

जब कंपकंपाते शरीर में एक सिहरन की बजाय मादकता जन्म लेने लगे, जब धूप ठण्ड के भय प्रदेश से निकल कर कुमारी

वास्तुशास्त्र

इन दिनों वास्तुशास्त्र की अनुगूंज हर जगह सुनाई पड़ रही है। बड़े लोग जब लम्बे काल के लिए अपने कार्यक्रमों में

वास्तुशास्त्र भवन निर्माण

वास्तुशास्त्र भवन निर्माण के संबंध में दिशा निर्देश देने वाला सम्पूर्ण विज्ञान है।