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भारतीय लोक पर्वों की अपनी विशेषता है। खासकर छठ जैसे पर्वों की। जिसमें समाज के सभी वर्गों की समान भागीदारी होती है। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में देखा गया है कि छठ जैसे लोकपर्व में भी कर्मकांडों .....
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बिहार में हुए विधानसभा उपचुनाव ने एकबार फिर साबित किया कि लोकतंत्र में नेता नहीं जनता महत्वपूर्ण है। .....
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आज के राजनेताओं में नवीन पटनायक की छवि एक अबूझ पहेली की तरह है। उड़ीसा में 'निर्मल भावमूर्तिӠकहे जाने वाले नवीन पटनायक के 'भाव' को समझना राजनीतिक पंडितों के लिए हमेशा कठिन रहा .....
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बिहार में इन दिनों एक सियासी बतकही खूब प्रचलित है। जॉर्ज को टिकट न देने के पीछे व्याख्या यहां के राजनीतिक पंडित अपने-अपने ढंग से कर रहे .....
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अपने ही घर आए मुझे शायद बहुत दिन हो गए थे, तभी तो जब इस इलाके को समझने, जानने का काम मुझे सौंपा गया, तो मैंने सोचा नहीं था कि यह इलाका इतना बीहड़ दिखेगा। कल्पना से ज्यादा भयानक तस्वीर देख कर मैं .....
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आज जुड़-शीतल है। मिथिला का पावन पर्व। बहुत लोग इस पर्व के संबंध में नहीं जानते, मिथिला में भी यह पर्व सिमटता जा रहा है। .....
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मोदी बोलते हैं, तो मुझे अच्छा लगता है। मुझे वो और किसी रूप में अच्छे नहीं लगते। मैं उनका कट्टर विरोधी .....
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मुझे याद है मैंने अपना पहला वोट कांग्रेस को नहीं डाला था। उसके बाद कांग्रेस ने मुझे कभी मौका ही नहीं दिया। .....
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भाजपा को आखिर क्या हो गया है। एक अच्छी पार्टी अपने अतंद्वंद्व में फंसी हुई है। नारा हो या प्रस्तुतीकरण। .....
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