करत करत अभ्यास के जड़मति होत सुजान
करत करत अभ्यास के जड़मति होत सुजान

सफलता उसी को मिलती है जो उसके पीछे हाथ धोकर पीछे पड़े रहता है। अक्सर हम थोड़ी या छोटी-छोटी बातों के बिगडऩे पर निराश हो जाते हैं जो काम हाथ में ले...

देशबन्धु
2017-05-11 23:03:35
तोडऩा नहीं जोडऩा सीखिए
तोडऩा नहीं, जोडऩा सीखिए

तोडऩा और जोडऩा एक-दूसरे का विपरीत अर्थ देनेवाले शब्द हैं। कुछ चीजें तोडऩे के बाद जोड़ी नहीं जा सकतीं और कुछ जो जोड़ी जा सकती हैं, जुड़ तो जाती है...

देशबन्धु
2017-05-10 23:07:55
धर्म साधना का स्वर्णिम अवसर
धर्म साधना का स्वर्णिम अवसर

भोग की सुखद कल्पना, अरमानों की हारमाला, रंगीन स्वप्नों की सुहावनी तरंगों में डूबा मानव सोचता है, धर्माचरण का समय अभी नहीं है।

देशबन्धु
2017-05-09 22:53:31
  भूख और धर्म
भूख और धर्म

संविधान ने प्रत्येक मनुष्य को जीने का अधिकार प्रदान किया है। इस संवैधानिक अधिकार के अनुकूल कल्याणकारी राज्य में सबसे पहले सभी नागरिकों को दो वक्त...

देशबन्धु
2017-05-07 23:03:03
उत्साह भरा जीवन
उत्साह भरा जीवन

एक चौराहे पर तीन यात्री मिले। तीनों के कंधों पर दो-दो झोले आगे-पीछे लटके हुए थे। अपनी लंबी यात्रा से तीनों थके हुए थे,

देशबन्धु
2017-05-04 22:52:14
साधना में बाधक यशोलिप्सा
साधना में बाधक यशोलिप्सा

रावलमल जैन मणि : साधना पथिक, साध्य सिद्धि के लिए-विविध विधाओं में प्रयत्नशील रहते हैं, कई साधक घंटों तक धूप में आतापना लेकर साधना करते हैं।

देशबन्धु
2017-05-03 23:05:42
 कुतर्क मात्र भटकाते हैं
कुतर्क मात्र भटकाते हैं

सामान्यत: लोग एकांत से भागते हैं, डरते हैं और भीड़ की तलाश करते हैं, भीड़ के बीच वे सुकून महसूस करते हैं। वह भीड़ चाहे अपनों की हो या फिर टीवी मे...

देशबन्धु
2017-05-02 22:48:59
ज्ञानोपासना की अदम्य प्रेरणा
ज्ञानोपासना की अदम्य प्रेरणा

जिज्ञासा मनुष्य का प्रधान धर्म है। वह उसकी एक अदम्य प्रेरणा है। मनुष्य सब कुछ जानना चाहता है। बाह्म जगत और अंतर जगत्, दोनों उसकी जिज्ञासा के विषय हैं।

देशबन्धु
2017-05-01 22:55:50
 बड़ी ताकत होती है सकारात्मक भावों में
बड़ी ताकत होती है सकारात्मक भावों में

मन कभी शांत नहीं रहता। कोई न कोई विचार परेशान किये रहता है। भगवान हमें हमारे अनुमान से ज्यादा चाहता है। हम चाहे जैसे भी हैं भगवान हमें सही जगह दे...

देशबन्धु
2017-04-30 22:43:10