सत्य ही हमें स्वर्ग तक पहुंचाता है
सत्य ही हमें स्वर्ग तक पहुंचाता है

महाभारत के उद्योग पर्व में लिखा है- सत्य स्वर्गस्य सोपान पारावा रस्नौरिव। -अर्थात् जिस प्रकार नाव का आश्रय व्यक्ति को समुद्र पार करा देता है, उस...

देशबन्धु
2017-04-27 22:48:26
आज प्रकाश पर्व  दूसरे नानक अंगद देवजी  हरि का सेवक हरि की जेहा
आज प्रकाश पर्व : दूसरे नानक अंगद देवजी : हरि का सेवक हरि की जेहा

भाई लहणा जी (बाद में गुरु अंगद देवजी) का जन्म मते की सराय (फरीदकोट) नामक गांव में भाई फेरूमल जी के घर हुआ था।

देशबन्धु
2017-04-26 23:00:56
श्रेय और प्रेय
श्रेय और प्रेय

थोड़े शब्दों में गंभीर विचार सुन्दर ढंग से व्यक्त करने की उपनिषद के ऋषियों की शैली के बारे में कहना ही क्या।

देशबन्धु
2017-04-25 22:44:51
क्रोध से कर्म क्षीण नहीं होते
क्रोध से कर्म क्षीण नहीं होते

सूत्रकृतांग के अनुसार पिटने पर भी हमें क्रोध नहीं करना चाहिए। (हम्ममाणो न कु कुप्पिज्जा) क्योंकि क्रोध से नहीं, क्षमा से ही कर्म क्षीण होते हैं।

देशबन्धु
2017-04-24 22:49:27
दृढ़ निश्चय के साथ जियें
दृढ़ निश्चय के साथ जियें

ऊहापोह असमंजस या डांवाडोल की स्थिति ये सब मन की स्थिति बयान करते हैं। बीते हुए दिनों की गलतियों से सबक लो। प्यार सब चीजों का निचोड़ है।

देशबन्धु
2017-04-24 00:10:30
अच्छे और बुरे आदमी की पहचान
अच्छे और बुरे आदमी की पहचान

नवजात बच्चा भीतरी गुण-दोषों की दृष्टि से न अच्छा होता है, न बुरा। वह बस होता है। उस पर डाले गए संस्कार ही उसे अच्छा-बुरा बनाते हैं।

देशबन्धु
2017-04-20 22:54:06
दृष्टिकोण सही हो तो यह जीवन स्वर्ग बन जाए
दृष्टिकोण सही हो तो यह जीवन स्वर्ग बन जाए

जीवन क्या है? जीवन का अर्थ एवं मर्म क्या है? यह एक ऐसा प्रश्न है, जो आदिकाल से चला आ रहा है, जो युगों-युगों से पूछा जा रहा है।

देशबन्धु
2017-04-18 23:11:02
आज प्रकाशपर्व  सिक्खों के पांचवे नानकगुरु अर्जुनदेव
आज प्रकाशपर्व : सिक्खों के पांचवे नानकगुरु अर्जुनदेव

शांति के पुंज शहीदों के सरताज, वाणी के बोहिते श्री गुरु अर्जुन देव जी का इस धरा पर आगमन पिता रामदास (चौथे नानक) के गृह में माता भाणी जी (तीसरे ना...

देशबन्धु
2017-04-17 23:07:23
जैसा कर्म वैसा फल
जैसा कर्म वैसा फल

हम कैसा जीवन चाहते हैं हमें स्वयं नहीं मालूम बस जिए चले जाते हैं दिशाहीन से होकर। जो आदमी इस संसार में जन्म लेता है उसे जीना तो पड़ता ही है।

देशबन्धु
2017-04-16 21:53:35
आप समाज में लोकप्रिय कैसे बनें
आप समाज में लोकप्रिय कैसे बनें?

क्या आप किसी नये व्यक्ति से आगे बढक़र बात करने में झिझकते हैं? नये लोगों से पहचान बनाना, यही नहीं, उन्हें अपना मित्र बनाना एक प्रकार का कौशल है।

देशबन्धु
2017-04-13 22:59:51
खालसा पंथ की स्थापना एक संपूर्ण इंकलाब
खालसा पंथ की स्थापना: एक संपूर्ण इंकलाब

सिख धर्म की बुनियाद आज से 538 साल पहले गुरु नानकदेव जी द्वारा ही रख दी गई थी। इसमें कीरत करो, नाम जपो, पंड छको और नानक नाम चढ़दी कला तेरे भाणे सरबत

देशबन्धु
2017-04-12 23:02:20
पुण्य भी पाप हो सकता है
पुण्य भी पाप हो सकता है

यह तो हम पहले ही कह चुके हैं कि पदार्थो से प्रतिक्रमण यानि लौट आने और ईश्वर से नाता जोड़ लेना, परमात्मा को याद करना ही पुण्य है।

देशबन्धु
2017-04-10 23:00:08
दानी से सुम भला
दानी से सुम भला

किसी ने कुछ मांगा तो सुम (कंजूस) कहेगा देखता हूं और यह कहकर वह अपने आपको दान प्रवृत्ति से बचा लेता है। उससे तो कंजूस अच्छा है जो तुरंत जवाब दे दे...

देशबन्धु
2017-04-09 22:49:31
दो बहुमूल्य उपहार
दो बहुमूल्य उपहार

प्रत्येक व्यक्ति के पास विधाता ने दो बहुमूल्य एवं खूबसूरत उपहार दिए हैं- बुद्धि एवं भावना। ये दो ऐसी चीजें हैं, जिनके सही उपयोग के आधार पर एक ओर ...

देशबन्धु
2017-04-06 23:18:58
प्रभु श्री राम को ओरछा लाईं महारानी कुंअर गणेश
प्रभु श्री राम को ओरछा लाईं महारानी कुंअर गणेश

टीकमगढ़ ! राम ने कैतिक काम किए, अरु नाम नै कैतिक दास प्रकाशै,, राम विभीषण के हितुआ, रविनंदन राम सखा कहलाए। क्या भगवान भी कोई काम करता है,

देशबन्धु
2017-04-05 04:36:33
राम की शक्ति
राम की शक्ति

राम शब्द केवल भारतीय उपमहाद्वीप तक ही सीमित नहीं है, बल्कि दुनिया भर की सँस्कृतियों में इस शब्द का किसी न किसी रूप में उल्लेख है।

देशबन्धु
2017-04-04 22:59:58
मीठे बोलों की ताकत
मीठे बोलों की ताकत

आदमी बहुत छोटे से कांटे का भी चुभना बरदाश्त नहीं करता। वह उसके चुभते ही आह-ऊह करने लगता है। यही बात उसके मन की भी है। सामान्यतया वह एक भी कड़वी ब...

देशबन्धु
2017-04-03 23:00:13
जीवन में सब कुछ अनिश्चित
जीवन में सब कुछ अनिश्चित

कोई नहीं जानता कब क्या होगा, बस अटकलबाजी में जीते हैं लोग। जीवन ऐसे ही चलते रहता है। संसार में कितने लोग भविष्यवाणियों में लगे रहते हैं।

देशबन्धु
2017-04-02 23:53:25
क्या महिलाओं को शांति से जीने का अधिकार नहीं है