सियासत से बेदखल राजा भोज
सियासत से बेदखल, राजा भोज

अब वे राजा भोज नहीं रहे। वे अपने दुख को व्यक्त करने से भी नहीं चूकते। काश! कुछ दिन और मध्याह्न भोजन की सत्ता उनके हाथ में रहती तो वे अपने बच्चों ...

देशबन्धु
2018-01-14 00:58:33
 तो जा एनबीटी हो जा 
 तो जा, एनबीटी हो जा 

जबसे भोगवादी संस्कृति का दीवाना हुआ हूं ग्रीडों के अंबार तले आ दब चुका हूं। एक ग्रीड जैसे कैसे पूरी होते ही जब दूसरी ग्रीड सीना चौड़ा कर जब मेरे स...

देशबन्धु
2017-12-31 00:33:19
आत्मा-राम की सलाह
आत्मा-राम की सलाह ...

राजाराम की आत्मा  पिछले चार इलेक्शन तक 'पार्टी- सेवा' में मशगुल थी।  वे पार्टी  में 'पकडÓ के लिए वे जाने जाते थे। वे हर इलेक्शन के घोषणा-पत्र के ...

देशबन्धु
2017-12-24 00:20:07
दाग अच्छे हैं
दाग अच्छे हैं

त्रेता और द्वापर में दाग बुरे होते थे, परंतु कलयुग में दाग अच्छे हैं, क्योंकि दागों पर ही व्यक्ति का व्यक्तित्व पहचाना जाता है

देशबन्धु
2017-12-17 00:33:53
हम विदेशियों से आगे हैं  
हम विदेशियों से आगे हैं  

हैरानगी की बात है कि दुनिया के विशाल, तीव्रतम विकासोन्मुखी लोकतंत्र में आम देशवासियों के लिए बुलेट ट्रेन आने ही वाली है और उधर विदेशियों के पुरात...

देशबन्धु
2017-12-10 00:40:31