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अहम चैतन्यता
अहम चैतन्यता

वैज्ञानिक युग का मानव प्रत्यक्षीकरण के बिना किसी वस्तु के अस्तित्व को स्वीकार करने में सहसा तैयार नहीं होता जब चेतना आत्मा के संबंध में विचार किय...

देशबन्धु
2017-02-28 22:39:45
 शाश्वत की खोज अपने अंदर ही करें
शाश्वत की खोज अपने अंदर ही करें

'आनंदÓ आध्यात्म की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। जो व्यक्ति इसे प्राप्त कर लेता है, उसकी अवस्था आध्यात्मिक दृष्टि से काफी उच्च मानी जाती है।

देशबन्धु
2017-02-27 08:57:12
कर्महीन सपनेहुं सुख नाहिं
कर्महीन सपनेहुं सुख नाहिं

जीवन घटनाओं का जमावड़ा है पर बहुत कुछ हमारे स्वयं के कारण ही होता है। ईश्वर की इस सृष्टि में कुछ भी बिना कारण नहीं होता। अच्छा भी होता है बुरा भ...

देशबन्धु
2017-02-26 09:08:03
भूमा का साक्षात्कार
भूमा का साक्षात्कार

सर्व, विराट, विशाल, भूमा, ब्रह्म, अमृत, अनंत, विभु, सनातन (सदातन), ये सब संस्कृत भाषा के प्रिय शब्द हैं। इनके अर्थ का ध्यान करते भारतीय मानस मस्त...

देशबन्धु
2017-02-23 23:07:25
सत्य का द्वार है असन्तुष्टि
सत्य का द्वार है असन्तुष्टि

सामान्यतया हमारा मन सुख चाहता है लेकिन जो भी हम प्राप्त करते हैं उससे हमें सुख मिलता नहीं। इसी प्रकार मन पद चाहता है अगर पद भी मिल जाए तो भी चाह ...

देशबन्धु
2017-02-22 21:55:15
जीवन है चलते रहना
जीवन है चलते रहना

जिस प्रकार वृक्षों में शाल्मली वृक्ष, वनों में नंदन वन श्रेष्ठ होता है, उसी प्रकार भगवान महावीर का ज्ञान और शील श्रेष्ठ हैं। जिस प्रकार दान में अ...

देशबन्धु
2017-02-22 04:14:33
सलाह
सलाह

सलाह देने से बड़प्पन का बोध होता है और सलाह लेने से नम्रता का; लेकिन सलाह देने और लेने वालों के बीच का नाता तभी तक सौहार्द्रपूर्ण रहता है

देशबन्धु
2017-02-21 00:25:28
चरैवति चरैवति
चरैवति चरैवति

आदमी की जिन्दगी तकलीफों से भरी हुई हैं। अलग-अलग किस्म की तकलीफों से गुजरता है आदमी। शारीरिक तकलीफ, मानसिक पीड़ा, आर्थिक कष्ट से अक्सर सामना होता है।

देशबन्धु
2017-02-20 04:54:23
सांसारिक लोगों की चिंता न करें
सांसारिक लोगों की चिंता न करें

भगवान किसको मिलते हैं? जो व्यक्ति उनके लिए सम्पूर्ण कर्तव्य-कर्म करता हुआ तत्परायण होकर, उसके प्रति अनन्य निष्ठावान रहता है,

देशबन्धु
2017-02-16 04:20:29
 मन को शासक नहीं सेवक बनाएं
मन को शासक नहीं, सेवक बनाएं

(अखंड ज्योति) मन हमारे शासक और सेवक के दोनों काम कर सकता है। यदि हम उसे ढीला छोड़ दें, स्वच्छन्द विचरने दें, उसके कहने पर चलें और अपना आत्म-समर्...

देशबन्धु
2017-02-15 04:55:04
सच्ची मित्रता सच्ची सम्पदा
सच्ची मित्रता सच्ची सम्पदा

दुनिया में अगर मित्र न होते, तो हम केवल अकेले में ही रोते। मित्र वे होते हैं जो अपने प्यार की ऊष्मा से हमें सराबोर किये रखते हैं। हम उनसे रोज बात...

देशबन्धु
2017-02-10 03:14:35