भारत के विदेशमंत्री कृष्णा द्वारा पाक के विदेशमंत्री से आतंकियों पर कारवाई की गुहार करने की खबर पढ़कर मन हीन भावना से ग्रसित हो गया। सरकार को अब पाकिस्तान से किसी तरह के बातचीत से परहेज करनी चाहिए। जब भारतीय सेना सक्षम है, फिर याचना से क्या फ ायदा। भारत को सबसे पहले पाक से कोई भी राजनैतिक संबंध तोड़ लेनी चाहिए। अमेरिका में जाकर पाक विदेश मंत्री से वार्ता हास्यास्पद लगी। अमेरिकी मदद से पाक भारत विरूद्ध गतिविधियां चलाता है। भारत के शत्रु अमेरिका के आंगन में बैठकर पाक से बात करना कहां कि बुद्धिमता है, यह सरकार ही जाने। अमेरिका भारत का कब हितैषी रहा है। भारत की आतंरिक शांति पर कुठाराघात करने वाले पाकिस्तान से आखिर हम क्यों बात करना चाहते हंै? विश्व समुदाय से पाक को आतंकी देश घोषित करवाने हेतु पहल सरकार को करनी चाहिए। पाकिस्तान से बार-बार वार्ता की पहल में समय की बर्बादी है। समय के साथ अमूल्य बौद्धिक संसाधनों को भी एक तरह से जाया किया जा रहा है। तभी तो कोई परिणाम नहीं निकल रहा।
श्यामा श्री चंद्र, रोहिणी