युधिष्ठिर लाल कक्कड़, दिल्ली
वस्त्र मौसम के कुप्रभाव से शरीर को बचाने, सुरुचिपूर्ण दिखने व शरीर को ढकने के लिए पहने जाते हैं, लेकिन आजकल महिलाएं व युवतियां फैशन के नाम पर भड़काऊ वस्त्र पहनने लगी हैं। नारी को देवी कहा जाता है। देवी को अपनी मर्यादा बनाए रखनी चाहिए। नारी ऐसे वस्त्र पहने, जो शिष्ट, सभ्य, सुरुचिपूर्ण व संस्कारयुक्त हैं। फैशन के नाम पर शरीर को अद्र्धनग्न प्रदर्शित करना सभ्यता, शिष्टता व भारतीय संस्कृति के विपरीत है।