अनुमान से बेहतर लेाक लुभावन बजट

डॉ. हनुमन्त यादव : जैसे कि अपेक्षा की जा रही थी कि आम जनता को नोटबंदी से हुई तकलीफो को विस्मृत कराने तथा पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों खासकर उत्तरप्रदेष के मतदाताओं को ...

डॉ. हनुमंत यादव

डॉ. हनुमन्त  यादव
जैसे कि अपेक्षा की जा रही थी कि आम जनता को नोटबंदी से हुई तकलीफो को  विस्मृत कराने तथा पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों खासकर उत्तरप्रदेष के मतदाताओं को रिझाने के लिए केन्द्रीय वित्तमंत्री अरूण जेटली द्वारा लोक लुभावन बजट प्रस्तुत किया जाएगाा, अपेक्षानुसार वित्तमंत्री ने   2017-18 के इस बजट से हर वर्ग को लुभाने का प्रयास किया है । यही नही  अनेक मायनों में यह बजट   अनुमान से अधिक बेहतर बजट दिखाई देता है । उदाहरण के लिए व्यक्तिगत आयकर छूट की सीमा ढाई लाख से बढ़ाकर 3 लाख रू. तक किए जाने की संभावना सभी के द्वारा व्यक्त की जा रही थी क्योंकि वित्तमंत्री व्यक्तिगत आयकर दाताओं की संख्या एवं दायरा बढ़ाने की बात सार्वजनिक रूप से अनेक बार व्यक्त कर चुके थ, इसलिए आयकर में छूट सीमा 3 लाख रू. से अधिक सम्भव नही लग रही थी किन्तु यह किसीने भी अनुमान नही लगाया था कि 3 लाख रू. से पांच लाख रू. तक की आय पर आयकर की  दर 10 प्रतिषत से घटाकर 5 प्रतिषत कर दी जाएगी । इसी प्रकार ग्रामीण विकास के बुनियादी ढांचा सरीखी अनेक योजनाओं पर  बजट आबंटन में भी अनुमान से अधिक उदारता दिखाई है । लोकहितकारी योजनाओं पर  बजट आबंटन में वृद्धि के बावजूद 2017-18 में राजकोषीय घाटा जीडीपी का 3.2 प्रतिषत तक सीमित रखने में वित्त मंत्री सफल हुए है ।
2147 हजार करोड़ रू. के इस बजट में आवासहीन परिवारों के लिए अगले दो साल में एक करोड़ मकान बनाने, 3.5 करोड़ युवाओं को रोजगारोन्मुखी कौषल प्रषिक्षण, किसानों को दस लाख करोड़ रू. का कर्ज, फसल बीमा के लिए 9 हजार करोड़ रू. का प्रावधान, किसानों द्वारा नवम्बर-दिसम्बर माह के 60 दिनों में लिए गए कर्ज की माफी, सीनियर सिटीजन के लिए आधार आधारित स्मार्ट कार्ड, हर गांव में बिजली,  महिला एवं बाल विकास पर 1.84 करोड़ रू. का प्रावधान, मनरेगा के तहत 5 लाख तालाब का निर्माण आदि लोक हितकारी घोषणाएं इस बजट में की गई हैं । व्यक्तिगत आयकर में 3 लाख रू. तक की आय पर  छूट तथा 3 लाख रू. से 5 लाख रू. तक की आय पर  5 प्रतिषत आयकर से मध्यम वर्ग खासकर नौकरी पेषावर्ग लाभान्वित होगा ।  50 लाख रू. से 1 करोड़ रू. सालाना आमदनी वालों पर 10 प्रतिषत सरचार्ज से उच्च आमदनीवर्ग ही प्रभावित होगा । स्टार्ट-अप कम्पनियों को टैक्स सीमा में सात साल के लिए छूट, आवास निर्माण के लिए केपीटल गेन टैक्स सीमा 3 साल से घटाकर 2 साल करता, 50 लाख रू. तक के टनर््ओवर वाली कम्पनियों को टैक्स में  छूट सराहनीय कदम है । बजट प्रस्तुत होने के बाद ष्षेयर बाजार में आया उछाल इंगित करता है कि बजट प्रस्तावों से कारपोरेट सेक्टर लाभान्वित होगा । बजट से मेक इन इंडिया अभियान को बढ़ावा मिलेगा तथा देष की आयात पर निर्भता कम होगी ।  जो वस्तुए कर प्रस्तावों के कारण महंगी होगी उससे आम जनता के घरेलू बजट पर कोई विपरीत प्रभाव नही पडऩेवाला है । बजट लोकलुभावन के साथ ही आम जनता के लिए राहतकारी तथा अर्थव्यवस्था के लिए विकासोन्मुखी है, इसलिए यह स्वागत योग्य है ।


 

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