सामरिक भागीदारी समेत कई मुद्दों पर आज होगा मंथन

राजीव रंजन श्रीवास्तव : भारत के प्रधान मंत्री डॉ. मनमोहन सिंह दो दिवसीय यात्रा पर सोमवार को म्यांमार की राजधानी नेपीताव पहुंचे। ...

राजीव रंजन श्रीवास्तव

 म्यांमार से राजीव रंजन श्रीवास्तव
पूर्वी एशियाई देशों के विकास के लिए महत्वपूर्ण है 'बिम्सटेक'
खास बातें
 यात्रा पर आए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को हैं ढेरों उम्मीदें
 म्यांमार के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के बीच हुई बातचीत
 श्रीलंका, थाईलैंड, नेपाल और भूटान के राष्ट्राध्यक्ष भी कर रहे शिरकत

नेपीताव !   भारत के प्रधान मंत्री डॉ. मनमोहन सिंह दो दिवसीय यात्रा पर सोमवार को  म्यांमार की राजधानी नेपीताव पहुंचे। नेपीताव के अंतरराष्ट्रीय  हवाई अड्डे पर म्यांमार के  श्रम, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा मंत्री यूए मिन्ट ने प्रधानमंत्री और उनकी पत्नी गुरशरण कौर का स्वागत किया। नेपीताव में आयोजित बिम्सटेक (बे ऑफ बंगाल इनीशिएटिव फॉर मल्टी-सेक्टोरल टेक्निकल एंड इकनॉमिक कॉपरेशन) सम्मलेन में प्रधानमंत्री हिस्सा लेने के लिए दो दिवसीय यात्रा पर यहां आए हैं।  बिम्सटेक के सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्षों की बैठक मंगलवार को  होनी है। यह बैठक उत्तर-पूर्वी एशियाई देशों के विकास के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आर्थिक कॉरिडोर, सामरिक भागीदारी तथा सांस्कृतिक आदान-प्रदान सहित कई अहम मुद्दों पर भारत, म्यांमार, श्रीलंका, थाईलैंड, नेपाल और भूटान मिलकर मंगलवार को सम्मेलन में बात करेंगे। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को इस यात्रा से ढेरों उम्मीदें हैं। इस बीच रात्रिभोज पर म्यामांर के राष्ट्रपति यू थिन सीन और भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के बीच मुलाकात हुई। दोनों नेताओं ने द्विपक्षी सहयोग समेत तमाम मुद्दों पर गंभीरता से बातचीत की।
नेपाली प्रधानमंत्री से मिले मनमोहन सिंह
सोमवार की शाम नेपाल के प्रधानमंत्री सुशील कोईराला और भारतीय प्रधानमंत्री के बीच द्विपक्षीय वार्ता हुई। नेपाल के नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री के साथ इस बैठक में दोनों देशों के बीच आर्थिक और सामरिक संबंधों पर चर्चा की गई।  बताया जा रहा है कि नेपाल के प्रधानमंत्री जल्द ही चीन की यात्रा पर जाने वाले हैं। जबकि उम्मीद यह जताई जा रही थी कि कोइराला अपनी आधिकारिक और द्विपक्षीय यात्रा की शुरुआत भारत से करेंगे। भारत के लिए नेपाली प्रधानमंत्री का चीन जाना  कूटनीतिक दृष्टि से अपने पड़ोसी के साथ विश्वास की कमी बताई जा रही है।
बांग्लादेश और भूटान के राष्ट्राध्यक्षों से आज होगी मुलाकात
बिम्स्टेक सम्मलेन की आधिकारिक बैठक कल (4 मार्च) को है।  कई स्तर की बैठक और वार्ताओं के बाद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह बांग्लादेशी प्रधानमंत्री शेख हसीना और भूटान के प्रधानमंत्री ल्योंछें तोबगे से द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। मंगलवार की शाम स्थानीय समयनुसार 5 बजे नेशनल लीग फॉर डेमोक्रेसी की अध्यक्ष और महासचिव आंग सान सु ची से प्रधानमंत्री की भेंट होगी।
बागो योमा और शान योमा के बीच 'नेपीताव'
म्यामांर (बर्मा) को पहले इसकी राजधानी यंगून या रंगून के नाम से जाना जाता था।  लेकिन वर्षों तक सैन्य शासन झेल चुके इस देश को यहां के सैन्य शासकों ने नई राजधानी का उपहार दिया है। नेपीताव के नाम से स्थापित इस राजधानी का निर्माण कार्य सन 2002 में शुरू हुआ था।  नेपीताव का बर्मीज भाषा में शाब्दिक अर्थ है- शाही राजधानी अथवा राजाओं का निवास स्थान। यह नवनिर्मित शहर यंगून से 320 किमी उत्तर की ओर स्थित है। बताया जाता है कि लोकतंत्र की बहाली के लिए लड़ रहीं आंग सन सु ची के समर्थकों और विदेशी ताकतों से बचने के लिए इस नए शहर का निर्माण हुआ है। सैन्य शासकों ने इस शहर के निर्माण में वास्तु और योतिषी शास्त्र का पूरा ख्याल रखा है। इतना ही नहीं, जब सन 2005 में राजधानी के प्रशासकीय कार्यालय को यंगून से नेपीताव लाया जा रहा था तब भी शुभ मुहूर्त का ध्यान रखा गया। यही कारण था कि राजधानी के बदलाव की दूसरी खेप 11 नवंबर 2005 को सुबह 11 बजे 1100 सैनिक ट्रक में 11 सैन्य बटालियन और 11 मंत्रियों के साथ यंगून से नेपीताव के लिए रवाना हुए थे। नेपीताव मूलत: म्यांमार के मध्य भाग में मांडले राय में स्थित है।  सैन्य शासकों का मानना था कि देश के मध्य भाग में स्थित राजधानी इस देश को सुरक्षित और स्थाई शासन प्रदान कर सकती है।  लगभग 9.5 लाख आबादी वाला नवनिर्मित शहर नेपीताव दो पर्वत श्रृंखलाओं- बागो योमा और शान योमा के बीच स्थित है। प्राकृतिक और पारिस्थितिक दृष्टि से यह शहर काफी खूबसूरत तथा मनोरम है।

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