ब्रुनेई पहुंचे प्रधानमंत्री ने कहा : रिश्तों की मजबूती परखने का मौका

राजीव रंजन श्रीवास्तव : बन्दर सेरी बेगवान ! 23वें आसियान शिखर सम्मलेन में भाग लेने के लिए आज भारत के प्रधान मंत्री डॉ. मनमोहन सिंह बू्रनेई दरुसलेम की राजधानी बन्दर सेरी बेगवान पहुंचे। ...

राजीव रंजन श्रीवास्तव

राजीव रंजन श्रीवास्तव 
आसियान देशों के लिए भारत विशेष मिशन की स्थापना करेगा

बन्दर सेरी बेगवान !   23वें आसियान शिखर सम्मलेन में भाग लेने के लिए आज भारत के प्रधान मंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ब्रुनेई दरुसलेम की राजधानी बन्दर सेरी बेगवान पहुंचे। विमान तल पर
ब्रुनेई के प्रधान मंत्री के स्थायी सचिव हाजी मुहम्मद अब्दोह बिन दातो सेरिसेतिया ने डॉ. सिंह और उनकी पत्नी श्रीमती गुरशरण कौर का स्वागत किया।
बू्रनेई के दो दिवसीय प्रवास पर प्रधान मंत्री आसियान-भारत सम्मलेन और पूर्वी एशिया सम्मलेन में भाग लेंगे। आसियान सम्मलेन में आसियान देशों (
ब्रुनेई , कंबोडिया, इंडोनेशिया, लाओस, मलेशिया, म्यांमार, फिलीपींस, सिंगापुर, थाईलैंड, वियतनाम) के अलावा जापान, दक्षिण कोरिया, चीन, रूस, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के राष्ट्राध्यक्ष या उनके प्रतिनिधि भी भाग ले रहे हैं। डॉ. मनमोहन सिंह कल ऑस्ट्रेलिया के प्रधान मंत्री टोनी एबट से मिलेंगे। माना जा रहा है कि इस मुलाकात में ऑस्ट्रेलिया से लंबित यूरेनियम आयात, सामरिक समझौते और व्यापार पर दोनों प्रधान मंत्रियों के बीच वार्ता होगी।
'लुक इस्ट' नीति को आगे बढ़ाते हुए दक्षिण-पूर्वी एशिया के देशो के बीच मुक्त व्यापार और तटीय रक्षा समझौतों के लिए मजबूती से भारत अपना पक्ष रखेगा। नालंदा विश्वविद्यालय की पुर्नस्थापना को लेकर भारत काफी गंभीर है और वर्ष 2015 तक इसके शुरू हो जाने की उम्मीद जताई जा रही है।  इस परियोजना में जापान, चीन, सिंगापुर और ऑस्ट्रेलिया से आर्थिक मदद भी भारत को मिल रही है। कल होने वाली दक्षिण पूर्वी देशों के प्रतिनिधियों से मुलाकात में नालंदा विश्वविद्यालय से सम्बंधित कई समझौतों पर भी हस्ताक्षर होंगे। प्रधान मंत्री ने मीडिया के लिए जारी बयान में कहा है कि
ब्रुनेई में आयोजित
आसियान शिखर सम्मलेन पिछले वर्ष दिसंबर में दिल्ली में आयोजित भारत-आसियान सम्मलेन में किये गए समझौतों- खासकर मुक्त व्यापार और सामरिक भागीदारी की समीक्षा का अच्छा मंच होगा। यह मेरे और मेरे सहयोगियों के द्वारा पिछले कुछ महीनों में हुई प्रगति, आपसी रिश्तों की मजबूती का पता लगाने का अच्छा अवसर प्रदान करेगा।
भारत एएसईएएन देशों के साथ मैत्री प्रगाढ़ करने के लिए एक कदम आगे बढाते हुए विशेष मिशन की स्थापना करने जा रहा है। एक दूतावास के रूप में इस मिशन का संचालन होगा। अधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार भारत अपनी लुक ईस्ट पालिसी के तहत एएसईएएन  और पूर्वी एशिया देशों के साथ व्यापार, सुरक्षा और सामरिक मामलों सहित कई मुद्दों पर गंभीर है।  भारत चाहता है कि पूर्वी एशिया के देशों के साथ हर संभव अच्छे सम्बन्ध कायम हों।  इसके लिए अब एएसईएएन  देशों के लिए विशेष दूतावास ( मिशन) की स्थापना की जाएगी।  इस मिशन के अलग से उच्चायुक्त नियुक्त होंगे। मिशन का कार्यालय अभी तय नहीं है परन्तु सूत्रों की मानें तो इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता या बू्रनेई से यह मिशन  संचालित होगा।   
धुंध निगरानी के लिए नई प्रणाली लगाने पर आसियान देश सहमत
दक्षिण पूर्व एशिया के देशों के संगठन आसियान के जंगलों में आग के कारण आसमान मे छाने वाले धुएं की निगरानी के लिए सदस्य देश एक नयी प्रणाली अपनाने पर सहमत हो गये है। भारत-आसियान देशों की आज यहां शुरू हुई शिखर बैठक में लिये गये इस फैसले को क्षेत्र में 16 साल पुरानी वायु प्रदूषण की समस्या से निपटने की दिशा महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। काफी समय से आसियान देशो पर इस समस्या को नजरअंदाज करने का आरोप लगता रहा है ।  सिंगापुर के पर्यावरण मंत्री विवियन बालाकृष्णन ने अपने आधिकारिक  फेसबुक पेज पर लिखा- आसियान नेताओ ने धुंध निगरानी प्रणाली को स्वीकार कर लिया है। इससे सभी कंपनियों को स्पष्ट संकेत जायेगा कि अब उनकी जिम्मेदारी तय की जायेगी। क्षेत्र में जंगल साफ करने के लिए पाम आयल की निजी कंपनियां उनमे आग लगा देती है। विशेषज्ञो का कहना है कि निगरानी प्रणाली के अलावा इन कंपनियों पर लगाम लगाने के लिए सख्त कानून की भी आवश्यकता होगी।  इस प्रणाली का विकास सिंगापुर ने किया है जिसमे आसियान के दूसरे देशों के साथ उपग्रह से प्राप्त तस्वीरें साझा कर आग की जगह के बारे मे जानकारी उपलब्ध कराई जायेगी ताकि वहां काम करने वाली कंपनी को सीधे जिम्मेदार ठहराया जा सके।

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