'बिम्सटेक' में मुक्त व्यापार समझौते पर आगे बढने की होगी कोशिश

राजीव रंजन श्रीवास्तव : भारत के प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह सोमवार से दो दिवसीय यात्रा पर म्यांमार रवाना हो रहे हैं। ...

राजीव रंजन श्रीवास्तव

प्रधानमंत् दो दिवसीय यात्रा पर म्यांमार के लिए आज होंगे रवाना
खास बातें
 आपसी सहयोग के आधार पर 14 प्राथमिकता वाले क्षेत्रों का हुआ है चयन
   भारत के उत्तर पूर्वी राज्यों के विकास को मिल सकती है गति
   कई शीर्ष नेताओं के सम्मेलन में शिरकत करने से प्रगाढ होंगे भारत के रिश्ते

 राजीव रंजन श्रीवास्तव
नई दिल्ली !   भारत के प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह सोमवार से दो दिवसीय यात्रा पर म्यांमार रवाना हो रहे हैं। म्यांमार की राजधानी नेपीताव में तीसरे बिम्स्टेक ( बे ऑफ बंगाल इनीशिएटिव फॉर मल्टी-सेक्टोरल टेक्निकल एंड इकनॉमिक कॉपरेशन) सम्मलेन में प्रधानमंत्री हिस्सा लेंगे। इस दौरान म्यांमार के राष्ट्रपति यू थिन सीन, बांग्लादेशी प्रधानमंत्री  शेख हसीना, श्रीलंका के राष्ट्रपति महिंद्रा राजपक्षे और नेपाल के प्रधानमंत्री सुशील कोइराला से भी द्विपक्षीय वार्ता संभावित है।
बिम्स्टेक के सदस्य देशों में भारत के अलावा बंगलादेश, म्यांमार, श्रीलंका, थाईलैंड, भूटान और नेपाल है। इस संगठन की स्थापना जून 1997 में हुई थी। संगठन का मुख्य उद्देश्य मित्र देशों के बीच आपसी संबंधों को मजबूत करना है। बिम्स्टेक के सदस्य देश अंतर-सरकारी बातचीत, मंत्रिमंडल स्तर की बैठक, शिखर सम्मेलन, विशेषज्ञ समूह और कार्य समिति की बैठकों के माध्यम से क्षेत्र की उन्नति के लिए कार्यरत हैं। बिम्स्टेक देशों ने आपसी सहयोग के आधार पर 14 प्राथमिकता वाले क्षेत्रों का चयन किया है। जिसमें भारत की भूमिका अहम है। भारत परिवहन एवं संचार, पर्यटन, पर्यावरण एवं आपदा प्रबंधन, आतंकवाद और अंतरराष्ट्रीय अपराध के लिए नेतृत्व देश है। व्यापार एवं निवेश तथा जलवायु परिवर्तन के लिए बांग्लादेश, सांस्कृतिक सहयोग में भूटान, ऊर्जा एवं कृषि में म्यांमार, गरीबी उन्मूलन के लिए नेपाल, प्रौद्योगिकी में श्रीलंका, मत्स्य पालन, लोक स्वास्थ्य, लोगों के बीच संपर्क के लिए थाईलैंड अग्रणी की भूमिका निभाते हैं।  भारत की 'लुक ईस्ट पॉलिसी' के तहत यह सम्मलेन काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि बिम्स्टेक के सदस्य देशों में अधिकतर देश आसिआन के भी सदस्य हैं। सम्मलेन में मित्र देशों के नेता आपस में मुक्त 
व्यापार समझौते की ओर भी आगे बढ़ने की कोशिश करेंगे। भारत के उत्तर पूर्वी रायों की सीमाएं इन कई देशों से मिलती हैं। आम चुनाव से पूर्व इन रायों के विकास को गति देने में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के लिए यह सम्मलेन मील का पत्थर साबित हो सकता है।
राजीव रंजन श्रीवास्तव म्यांमार की यात्रा पर
नई दिल्ली। म्यांमार की राजधानी नेपीताव में आयोजित तीसरे बिम्स्टेक सम्मेलन में शामिल हो रहे भारतीय प्रधानमंत्री के साथ देशबन्धु के समूह संपादक राजीव रंजन श्रीवास्तव भी रवाना हो रहे हैं। श्री श्रीवास्तव इससे पहले जापान, थाईलैंड, बूनेई और इंडोनेशिया के दौरे पर भी प्रधानमंत्री की मीडिया टीम के सदस्य रह चुके हैं।

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