बडे भाई के 'किरदार' में दिखा भारत

आमतौर से अपने पडाेसी देशों के साथ मैत्री पूर्ण संबंधों के राजीव रंजन श्रीवास्तव : हिमायती और शांत रहकर बडे भाई की भूमिका में रहने वाले भारत ने बे ऑफ बंगाल इनिशिएटिव फॉर मल्टी-सेक्टोरल टेक्निकल एंड इकनॉमिक कॉपरेशन (बिम्स्टेक) शिखर वार्ता के दौरान न सिर्फ अन्य देशों की शिकायतों को सुना बल्कि बडे ही मजबूती से अपना पक्ष भी रखा। ...

राजीव रंजन श्रीवास्तव

म्यांमार से राजीव रंजन श्रीवास्तव
बिम्स्टेक में शांत रहकर मजबूती से रखा अपना पक्ष  
तीस्ता नदी बंटवारा संधि पर बांग्लादेश के रुख पर दी सकारात्मक प्रतिक्रिया
मछुआरों के मुद्दे पर श्रीलंका को मानवीय दृष्टिकोण अपनाने को कहा
बिम्स्टेक को व्यापक स्वरूप देने के लिए मुक्त व्यापार समझौते को बताया जरूरी

नेपीताव !   आमतौर से अपने पडाेसी देशों के साथ मैत्री पूर्ण संबंधों के हिमायती और शांत रहकर बडे भाई की भूमिका में रहने वाले भारत ने बे ऑफ बंगाल इनिशिएटिव फॉर मल्टी-सेक्टोरल टेक्निकल एंड इकनॉमिक कॉपरेशन (बिम्स्टेक) शिखर वार्ता के दौरान न सिर्फ अन्य देशों की शिकायतों को सुना बल्कि बडे ही मजबूती से अपना पक्ष भी रखा। भारत की अगुवाई करने वाले प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने जहां सभी सदस्य देशों को हर तरह की सहायता का भरोसा दिलाया वहीं उनसे हो रही परेशानी को भी बडे ही बेबाकी से रखते हुए इसे अविलंब दूर करने को कहा। श्रीलंका के हाथों 32 और भारतीय मछुआरों की गिरफ्तारी की पृष्ठभूमि में प्रधानमंत्री ने पड़ोसी श्रीलंका के राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे के सामने यह मुद्दा मंगलवार को उठाते हुए उनसे इस मामले में मानवीय रुख अपनाने को कहा।  शिखर वार्ता के दौरान थोड़ी देर के अवकाश के दौरान दोनों नेताओं के बीच मुलाकात हुई, जिसमें उन्होंने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में अमरीका द्वारा लाए जा रहे प्रस्ताव पर भी बातचीत की। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह (मछुआरों का मुद्दा) जीवनयापन का मुद्दा है और इसे श्रीलंका द्वारा मानवीय लिहाज से लिया जाना चाहिए। वहीं प्रधानमंत्री ने अपनी बांग्ला देशी समकक्ष शेख हसीना द्वारा उठाए गए तीस्ता नदी बंटवारा संधि पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए कठिनाइयों का जिक्र किया लेकिन साथ में यह भी कहा कि यह संधि दोनों देशों के हित के लिए जरूरी है। प्रधानमंत्री ने सम्मेलन के इतर मौके पर हसीना के साथ 25 मिनट लंबी वार्ता की। इससे अलावा सभी सदस्य देशों से प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने मुक्त व्यापार समझौता को जल्द से जल्द पूरा करने पर भी बल दिया। वहीं यात्रा के अंतिम पड़ाव में प्रधानमंत्री ने म्यांमार की विपक्ष की नेता  व नेशनल लीग फॉर डेमोक्रेसी की अध्यक्ष आंग सान सु ची से प्रजातांत्रिक मूल्यों से संबंधित मुद्दों पर व्यापक चर्चा की।
ढाका में खुलेगा बिम्स्टेक का सचिवालय
सांस्कृ तिक और मौसम चेतावनी समझौते पर हस्ताक्ष

 बिम्सटेक सम्मेलन में सदस्य देशों ने मंगलवार को तीन प्रमुख मुद्दों पर समझौता हस्ताक्षर किए। समझौते के अनुसार, बिम्स्टेक का सचिवालय बांग्लादेश की राजधानी ढाका में होगा। मौसम एवं जलवायु की जानकारी और वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए मौसम और जलवायु केंद्र की स्थापना भारत में की जाएगी। बिम्स्टेक सांस्कृतिक उद्योग आयोग की स्थापना भूटान में की जाएगी। सचिवालय का काम-काज इस वर्ष मई माह से शुरू हो जाएगा। श्रीलंका के सुमित नकन्दला प्रथम महासचिव होंगे जो ढाका से बिम्स्टेक के दैनिक कार्यों को गति देंगे। भारत सरकार मौसम और जलवायु केंद्र की स्थापना अपनी देख-रेख में कर रही है जिसे नोएडा से संचालित किया जाएगा।

देशबंधु से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें
facebook फेसबुक पर फॉलो करे.
और
facebook ट्विटर पर फॉलो करे.

Deshbandhu के आलेख