जनलाइन वाली क्रांतिकारी पार्टी का निर्माण करो

सीताराम येचुरी : सीपीआई (एम) की 21वीं कांग्रेस के निर्णय के अनुरूप, पार्टी का सांगठनिक प्लेनम '2015 के आखिर तकÓ संपन्न हो गया और उसने अपना काम पूरा भी कर लिया। इसे एक उपलब्धि माना जाएगा कि पार्टी ने आठ महीने के अपेक्षाकृत थोड़े अरसे में पार्टी कांग्र्रेस के उक्त आदेश को सफलता के साथ पूरा कर लिया है।...

सीताराम येचुरी

सीपीआई (एम) की 21वीं कांग्रेस के निर्णय के अनुरूप, पार्टी का सांगठनिक प्लेनम '2015 के आखिर तकÓ संपन्न हो गया और उसने अपना काम पूरा भी कर लिया। इसे एक उपलब्धि माना जाएगा कि पार्टी ने आठ महीने के अपेक्षाकृत थोड़े अरसे में पार्टी कांग्र्रेस के उक्त आदेश को सफलता के साथ पूरा कर लिया है। याद रहे कि पार्टी की केंद्रीय कमेटी ने इस प्लेनम के आयोजन के लिए काफी चौतरफा भागीदारीवाला और विस्तृत कार्यक्रम तय किया था। सबसे पहले पार्टी केंद्र द्वारा एक विस्तृत प्रश्नसूची तैयार की गयी थी ताकि पार्टी संगठन की स्थिति और वास्तविक कार्य-प्रणाली तथा तौर-तरीकों के संबंध में राज्य कमेटियों के जरिए विस्तृत जानकारी हासिल की जा सके। इसके बाद, राज्य कमेटियों से आए जवाबों की छान-बीन की गयी और उनसे निकलने वाले निष्कर्षों के आधार पर, प्लेनम के लिए सांगठनिक रिपोर्ट और संगठन पर प्रस्ताव को सूत्रबद्घ किया गया।  प्लेनम का विचार-विमर्श, कोलकाता के बिग्रेड परेड मैदान में विराट रैली के खत्म होने के बाद, 27 दिसंबर की ही शाम से शुरू हो गया। सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस की रास्ता रोकने की तमाम कोशिशों और उनके सारे हमलों के बावजूद, इस रैली के लिए पहुंचे लोगों की एक झलक हमारे वर्ग शत्रुओं व पूंजीवादी मीडिया के इस झूठ को तार-तार करने के लिए काफी थी कि युवा, सीपीआई (एम) के साथ नहीं हैं।
जनलाइन वाली क्रांतिकारी पार्टी
पार्टी की 21वीं कांग्रेस ने राजनीतिक प्रस्ताव स्वीकार किया, अपनी राजनीतिक-कार्यनीतिक लाइन की समीक्षा की और आने वाले तीन वर्षों के लिए राजनीतिक-कार्यनीतिक लाइन तय की, जिसमें वाम-जनवादी मोर्चे के निर्माण को प्रधानता दी गयी है। इसलिए, इस सांगठनिक प्लेनम में पार्टी के संगठन की सामथ्र्यों को बढ़ाने तथा चुस्त-दुरुस्त बनाने पर ध्यान केंद्रित किया गया। मौजूदा चुनौतियों से निपटने के लिए सीपीआई (एम) के इस संकल्प को दुगना, सिर्फ जोरदार जन संघर्ष छेडऩे के जरिए ही किया जा सकता है। इसका सीधा अर्थ यह है कि हमें अपनी पार्टी की ताकत को बड़े पैमाने पर बढ़ाना होगा। ऐसा, हमने जो राजनीतिक-कार्यनीतिक लाइन स्वीकार की है, उसके अनुरूप ही किए जाने की जरूरत है, जिसका लक्ष्य है जनता के बीच वर्गीय शक्तियों के संतुलन को वामपंथी-जनवादी मोर्चे (एलडीएफ) के पक्ष में बदलना। जनता को किसी एक या दूसरी बुर्जुआ पार्टी / गठबंधन के बीच चुनाव करने के भरोसे छोडऩे की बजाय हमें इस एलडीएफ को इतना मजबूत बनाना होगा जिससे कि भारतीय जनता के समक्ष वैकल्पिक नीतियों के आधार पर एक वर्गीय विकल्प पेश किया जा सके। भारतीय जनता के बीच वर्गीय शक्तियों के संतुलन में बदलाव लाने के जरिए यह एलडीएफ, उस जनता के जनवादी मोर्चे (पीपुल्स डेमोक्रेटिक फ्रंट) की एकता कायम करने का भी पूर्व संकेत होगा जिसके नेतृत्व में जनता की जनवादी क्रांति के जरिए भारतीय क्रांति समाजवाद की दिशा में आगे बढ़ेगी। इस तरह इस प्लेनम ने माक्र्सवाद-लेनिनवाद के सिद्घांतों पर आधारित एक क्रांतिकारी पार्टी के रूप में सीपीआई (एम) के चरित्र की दुबारा पुष्टिï की है जबकि मौजूदा मोड़ पर उसकी लाइन भारतीय जनता के साथ अपने संबंधों को मजबूत बनाने अर्थात एक जनलाइन वाली क्रांतिकारी पार्टी की है।
सांगठनिक क्षमताओं को मजबूत करो
ये क्रांतिकारी उद्देश्य तब तक पूरे नहीं होंगे जब तक हम पार्टी की सांगठनिक क्षमताओं को व्यापक नहीं बनाते। हमारे देश और समाज में संकट निरंतर तथा तेजी से गहराता जा रहा है। इस प्लेनम में सीपीआई (एम) ने आगे बढऩे के लिए इन अवसरों का इस्तेमाल करने का निर्णय लिया है। विश्व पूंजीवादी संकट-जिसने यह दिखाया है कि पूंजीवाद के तहत चाहे कितने ही सुधार हो जाएं, वे बढ़ते शोषण से जनता को मुक्ति नहीं दिला सकते-की स्थिति में हमारी जनता के शोषित-पीडि़त तबकों का समर्थन जुटाते हुए मजदूर वर्ग की एक राजनीति पार्टी के रूप में बढऩे के लिए सीपीआई (एम) आज सबसे अनुकूल स्थिति में है। सीपीआई (एम) के पास एक वैकल्पिक नीतिगत रूपरेखा है जो जनता को अपनी अंतर्निहित संभावनाओं का भरपूर इस्तेमाल करने में सक्षम बनाएगी और एक बेहतर भारत का निर्माण करेगी। यह विकल्प, मौजूदा नीतियों-जिन्होंने आर्थिक असमानताओं को भयावह ढंग से बढ़ा दिया है-के विपरीत भारतीय युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य और दीर्घकालिक रोजगार मुहैया कराने के साथ देश के संसाधनों का इस्तेमाल करने के जरिए एक बेहतर भविष्य की दृष्टिï देता है। सीपीआई (एम) हमेशा ही एक ऐसी शक्ति बनी रही है जो सांप्रदायिक धु्रवीकरण के तमाम प्रयासों के खिलाफ और एक कट्टïर असहिष्णु फासीवादी ''हिंदू राष्टï्रÓÓ की परियोजना को थोपने की आरएसएस/ भाजपा की साजिशों को मात देते हुए हमारी बहुधार्मिक, बहुभाषी, बहुसांस्कृतिक, बहु इथनिक आबादी की एकता की हिमायत ही नहीं करती बल्कि इसके लिए संघर्ष भी करती है। यह हर तरह के आतंकवाद तथा तत्ववाद के खिलाफ संघर्ष करती है। सीपीआई (एम) भेदभाव की तमाम अभिव्यक्तियों और हर किस्म के सामाजिक दमन के साथ छुआछूत पर आधारित जातिवाद के खात्मे के लिए भी आंदोलन तेज करेगी।
ठोस स्थितियों का ठोस विश्लेषण
सीपीआई (एम) इस लेनिनवादी सिद्घांत की हमेशा हिमायती रही है कि 'ठोस स्थितियों का ठोस विश्लेषण द्वंद्वात्मकता का जीवंत सार है।Ó इसको आगे बढ़ाने के लिए सीपीआई (एम) ने नव-उदारवाद के पिछले दो दशकों के दौरान आए ठोस बदलावों के अध्ययन के लिए तीन स्टडी ग्रुप (अध्ययन दल) गठित किए थे। इन स्टडी ग्रुपों के निष्कर्षों के आधार पर प्लेनम ने भूस्वामी-ग्रामीण अमीर गठजोड़ के खिलाफ खेत मजदूरों, गरीब किसानों, मध्यम दर्जे के किसानों, गैर कृषि तबकों के ग्रामीण मजदूरों, कारीगरों और ग्रामीण गरीबों के दूसरे तबकों का व्यापक मोर्चा गठित करने के जरिए; निर्णायक महत्व के और रणनीतिक महत्व के उद्योगों के मजदूरों को संगठित करने के जरिए; संगठित तथा असंगठित दोनों क्षेत्रों के ठेका मजदूरों को संगठित करने के जरिए; ट्रेड यूनियनों, युवाओं, महिलाओं आदि के बीच समन्वय कायम करके क्षेत्र आधारित संगठनों की स्थापना करने के जरिए; बस्तियों तथा स्थानीय क्षेत्रों में शहरी गरीबों को संगठित करने के आदि के जरिए वर्गीय तथा जनसंघर्षों को मजबूत बनाने का निर्णय लिया है।
समुचित काडर नीति को लागू करना होगा
संगठन को मजबूत करने के लिए प्लेनम ने हर स्तर पर पार्टी की गुणवत्ता में सुधार किए जाने पर बल दिया। इस उद्देश्य को हासिल करने के लिए दूसरे अनेक कदमों के साथ प्लेनम ने युवा कामरेडों की पहचान करने और उन्हें प्रोत्साहित करने और संबंधित कामरेडों के एक सामूहिक आकलन के आधार पर काम देना सुनिश्चित करने आदि पर जोर दिया है। सामाजिक दमन के खिलाफ संघर्ष तेज करो
सीपीआई (एम) की इस समझ को कि आर्थिक शोषण तथा सामाजिक दमन के मुद्दे वे 'दो पांवÓ हैं जिन पर भारत में वर्गीय संघर्षों का आगे बढऩा निर्भर है, प्लेनम ने लैंगिक दमन और दलितों, आदिवासियों, विकलांगों तथा धार्मिक अल्पसंख्यकों के साथ भेदभाव के खिलाफ संघर्ष तेज करने के लिए पार्टी की सांगठनिक क्षमताओं को मजबूत बनाने की जरूरत पर जोर दिया।
सांप्रदायिकता का मुकाबला करो
प्लेनम ने साहित्यकारों, वैज्ञानिकों, इतिहासकारों, सांस्कृतिक हस्तियों और बुद्घिजीवियों के दूसरे तबकों को लामबंद करने; वैज्ञानिक तथा धर्मनिरपेक्ष मूल्यों को प्रचारित करने के लिए सामाजिक तथा सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन करने पर विशेष ध्यान देते हुए शिक्षकों तथा सामाजिक संगठनों को शामिल करने के जरिए प्रीस्कूल तथा स्कूल स्तर पर पहलकदमियां करने आदि पर बल दिया है।
फौरी आवश्यक कार्य
स्थानीय स्तर के संघर्ष छेडऩे के लिए स्थानीय पार्टी इकाइयों को मजबूत करने के अलावा जनता के तमाम शोषित ग्रामीण तबकों के संघर्षों में एकता कायम करने और इस तरह मजदूर-किसान गठबंधन को विकसित करने के प्रयासों को मजबूत करने के जरिए हम कृषि क्रांति को विकसित करने पर अपना ध्यान केंद्रित करें जो कि जनवादी क्रांति की धुरी है। प्लेनम ने यह निर्णय लिया है कि प्रस्ताव तथा रिपोर्ट के स्वीकृत दस्तावेजों में जो निर्णय लिए गए हैं, उन्हें पार्टी पोलित ब्यूरो तथा केंद्रीय कमेटी से शुरूआत कर समयबद्घ ढंग से लागू किया जाना चाहिए। क्योंकि कुछ राज्यों में जल्द ही विधानसभा के चुनाव होने जा रहे हैं। हमारे देश में एक क्रांतिकारी सामाजिक रूपांतरण लाना सुनिश्चित करने की अपनी जिम्मेदारी को पूरा करने की दिशा में सीपीआई (एम) इसी राह पर चल कर आगे बढ़ सकती है।
एक अखिल भारतीय जनाधारवाली मजबूत सीपीआई (एम) का निर्माण करो!
    जनलाइनवाली एक क्रांतिकारी पार्टी का निर्माण करो!


देशबंधु से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें
facebook फेसबुक पर फॉलो करे.
और
facebook ट्विटर पर फॉलो करे.

Deshbandhu के आलेख