Last Updated: 09:30:34 AM 10, Mar, 2010, Wednesday
साइन इन   संपर्क करें
खबरे लगातार 09:30:41 AM 10, Mar, 2010, Wednesday समाचार सेवाएँ डेस्कटॉप पर मोबाइल पर घर पर आर एस एस फीड
होम आज का अंक पिछले अंक      ब्लॉग्स
ताजा समाचार
    सिल्दा हमले की जांच शुरु, गृह सचिव    तृणमूल कांग्रेस द्वारा महिला आरक्षण विधेयक का विरोध दुर्भाग्यपूर्ण    भारत ने पाक के आरोपों को बेबुनियाद बताया  
  Top Blogers
मोदी के सामने है गुरु दक्षिणा देने की
By sanjay vatsa
दो कदम आगे, तीन कदम पीछे
By tesuashish
मृत्युंजय
By Tarushikha
Sharing &
By priyanka.singhal
गठबंधन राजनीति का
By omprakash
  New Blogers
बाबा की अथाईं और
By Dr. Purushottam Meena
बुंदेलखंड के
By shibbubhai
Parchment
By priyanka.singhal
How to
By dryogeshmathur
सुरक्षित परिवहन
By anilsagar
 ब्लॉग्स
सम-सामयिक, विचार, अभिव्यक्ति

   तत्कालीन अथवा ज्वलंत मुद्दों पर खुले विचारों का संसार
सुरक्षित परिवहन साधन के साथ आम आदमी को बदलना होगा
Posted By : Anilsagar
Posted On :   (02:29:30 AM) 06, Aug, 2009, Thursday

महिलाओं के प्रति रवैया... रक्षाबंधन पर के दिन जब एक युवती तिपहिया से जाने की प्रतीक्षा में थी तभी एक ऑल्टो सवार लोगों ने उसे दबोच लिया। शुक्र है कि लोगों का जमीर जागा और उस युवती को दरिंदों के हाथ लुटने से बचा लिया गया। यह ठीक उसी दौरान हो रहा था जब एक सुरक्षित रेलयात्रा की उम्मीद से लेडीज स्पेशल ट्रेन चलाई जा रही थी।
रक्षाबंधन पर चली महिला स्पेशल ट्रेन निं:सेदह एनसीआर की महिलाओं के लिए किसी तोहफे से कम नहीं कही जा सकती। लंबे अरसे इसकी मांग की जा रही है कि स्थानीय रेलगाडिय़ों में महिला कोच की स्थिति सुधारी जाए। पुरूषों द्वारा महिला कोच में यात्रा, महिला कोच में असुरक्षा की भावना रहती है वहीं गर्मी के दिनों में पंखों की दयनीय हालत, बरसात में पानी की बौछारों की बेरोक आवाजाही और सर्दी में खिड़कियों से सीधी कलेजे को चीरने वाली हवा भी स्थानीय रेलगाडिय़ों में सफर करने वाली महिलाओं के लिए परेशानी का सबब है।
यहां चल रही स्थानीय रेलगाडिय़ों की रखरखाव पर चर्चा की बजाय यदि शहर में महिलाओं के लिए दूसरे परिवहन साधनों पर चर्चा करें तो पता चलता है कि महिलाओं के लिए सुरक्षित परिवहन साधनों की कमी स्पष्ट है। तिपहिया चालकों पर महिलाओं को भरोसा नहीं है तो कई हादसे इसकी ठोस वजह भी हैं। सरकारी बसें बेहतर हैं लेकिन यहां भी सट कर छेड़छाड करने वालों की कमी नहीं है। बाकी बची मेट्रो तो यह अभी तक किसी नकारात्मक वजह से चर्चा में नहीं है। लेकिन रिंग रेल सहित सभी मौजूद साधनों में महिलाओं को सुरक्षित यातायात पर ध्यान आवश्यक जरूर है।
संदेह नहीं कि अस्ट्रेलियाई नागरिक का बलात्कार करने व हत्या की घिनौनी वारदात करने वाले टैक्सी चालक को सजा देने से संदेश सख्त जाएगा लेकिन सुरक्षित, आरामदेय महिलाओं के लिए परिवहन साधनों की कमी को कम से कम अब तो दूर करने की दिशा में तेजी से कदम उठाने चाहिए। रेलवे की भी यह जिम्मेदारी जरूर है कि वह स्टेशन के आसपास खड़े होने वाले अराजक तत्वों को हटाने में स्थानीय पुलिस, प्रशासन के सहयोग से आगे आए और एक सकारात्मक पहल करे...।

 
Refine By Category
 
 
Home About us Sitemap Contact
Privacy Policy Terms & Conditions Disclaimer