योगेश मिश्र
योगेश मिश्र

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लेखक वरिष्ठ पत्रकार

यूं ही नहीं पक गयी खिचड़ी
लोकतंत्र से गायब होता लोक
तनहाइयों का क्यों है  शिकार आदमी
कितना समझ पाए हैं गांधी जी के तीन बंदर को 
कितने प्रद्युम्न के जाने का इंतजार है हमें
बाबा रे बाबा
सिर्फ आंकड़ों का जमा जोड़ नहीं है प्रबंधन
अंत्योदय ही कोविंद की सबसे बड़ी चुनौती
फिर घूमा समय का पहिया
शुद्ध और बुद्ध का रिश्ता
ट्रंप को करनी होगी संतुलन साधने की बाजीगरी
सियासत में कहां खो गया है विकास
क्या सीखते हैं हम पर्वों से
क्या ऐसे बढ़ेगी समाजवाद की उम्र
हम नाचते मोर बनें तो अपने पैर भी देखें